स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ प्रस्ताव पर आज लोकसभा में चर्चा, अध्यक्ष की कुर्सी पर नहीं बैठेंगे

विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर ने सदन में निष्पक्षता नहीं बरती और विपक्षी सांसदों को बोलने का पर्याप्त मौका नहीं दिया। इसी मुद्दे को लेकर करीब 118 सांसदों ने उन्हें हटाने का प्रस्ताव दिया है।

स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा आज
स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा आज

नई दिल्ली: लोकसभा में आज एक दिलचस्प और संवैधानिक रूप से अहम स्थिति देखने को मिल सकती है। सदन के स्पीकर ओम बिरला संसद में मौजूद तो रहेंगे, लेकिन अपनी पारंपरिक अध्यक्ष की कुर्सी पर नहीं बैठेंगे। इसकी वजह विपक्ष की ओर से लाया गया वह प्रस्ताव है, जिसमें उन्हें स्पीकर पद से हटाने की मांग की गई है।

संसदीय नियमों के मुताबिक जब किसी स्पीकर को हटाने का प्रस्ताव सदन में चर्चा के लिए आता है, तब वह खुद उस कार्यवाही की अध्यक्षता नहीं कर सकते। ऐसे में लोकसभा की कार्यवाही किसी दूसरे सदस्य द्वारा संचालित की जाती है। इसी कारण ओम बिरला उस समय सामान्य सांसद की तरह सदन की अग्रिम पंक्तियों में बैठकर बहस सुनेंगे।

संविधान के अनुच्छेद 96 में यह साफ व्यवस्था की गई है कि स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव आने पर निष्पक्षता बनाए रखने के लिए वे उस प्रक्रिया को संचालित नहीं करेंगे। इससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि जिस मुद्दे पर चर्चा हो रही है, उसमें किसी तरह का पक्षपात न दिखे।

इस दौरान स्पीकर की भूमिका भी बदल जाती है। वे सदन में मौजूद रह सकते हैं, अपने खिलाफ चल रही बहस सुन सकते हैं और चाहें तो अपने बचाव में बोल भी सकते हैं। इसके अलावा वे एक सामान्य सांसद की तरह चर्चा में हिस्सा ले सकते हैं और मतदान भी कर सकते हैं। हालांकि इस स्थिति में उनके पास स्पीकर के तौर पर मिलने वाला कास्टिंग वोट का अधिकार नहीं रहता।

दूसरी ओर सरकार का कहना है कि वह इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष को अपनी बात खुलकर रखनी चाहिए। संसदीय मामलों से जुड़े नेताओं का कहना है कि ऐसी बहस लोकतंत्र की प्रक्रिया का हिस्सा है।

हालांकि मौजूदा राजनीतिक स्थिति को देखते हुए इस प्रस्ताव के पास होने की संभावना कम मानी जा रही है, क्योंकि लोकसभा में सत्तारूढ़ गठबंधन के पास बहुमत है। फिर भी यह पूरा घटनाक्रम संसद की कार्यप्रणाली और संवैधानिक नियमों को समझने के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।