NHRC ने मिलावटी दूध के सेवन से 16 लोगों की मृत्यु पर स्वतः संज्ञान लिया

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।

भारत के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने एक मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया है, जिसमें बताया गया है कि आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले के लालाचेरुवु, चौदेश्वरन्नगर और स्वरूपनगर क्षेत्रों में फरवरी के मध्य से मिलावटी दूध के सेवन के कारण 16 लोगों की मृत्यु हो गई। इसी तरह के लक्षणों वाले कम से कम चार लोगों के उपचाराधीन होने की भी सूचना है। बताया गया है कि दूध में एथिलीन ग्लाइकोल नामक विषैला पदार्थ मिलाया गया था, जिससे कई अंगों की विफलता (मल्टी-ऑर्गन फेल्योर) हुई। संदिग्ध मिलावट का स्रोत नरसापुरम गांव स्थित एक डेयरी को माना जा रहा है, जो इस क्षेत्र के 100 से अधिक घरों में दूध की आपूर्ति कर रही थी।

आयोग ने कहा है कि यदि समाचार रिपोर्ट की सामग्री सत्य है, तो यह पीड़ितों के मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मामला है। इसलिए आयोग ने मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट में पीड़ितों की स्वास्थ्य स्थिति, जांच की प्रगति तथा मृतकों के परिजनों को दी गई किसी भी प्रकार की मुआवजा राशि की जानकारी शामिल करने की अपेक्षा की गई है।

23 मार्च 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, लोगों के बीमार पड़ने के मामले फरवरी 2026 के मध्य में सामने आए, जब निवासियों को पेट दर्द, उल्टी, मूत्र न आना (एन्यूरिया) और तीव्र गुर्दा विकार जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं होने लगीं। अधिकांश पीड़ित या तो बुजुर्ग थे या छोटे बच्चे।