नई दिल्ली: केरल विधानसभा चुनाव को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने अपनी रणनीति लगभग तय कर ली है। गठबंधन ने फैसला किया है कि इस बार केरल की सभी 140 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ा जाएगा। खास बात यह है कि इस चुनाव में NDA किसी एक मुख्यमंत्री चेहरे के साथ मैदान में नहीं उतरेगा। पार्टी का कहना है कि चुनाव प्रधानमंत्री के नेतृत्व और विकास के मुद्दों पर लड़ा जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक इस बार चुनाव प्रचार में प्रधानमंत्री Narendra Modi के काम और योजनाओं को मुख्य मुद्दा बनाया जाएगा। चुनावी पोस्टरों और प्रचार में केरल भाजपा अध्यक्ष Rajeev Chandrasekhar के साथ 20-20 पार्टी के नेता Sabu M Jacob और भारतीय जन धर्म सेना के प्रमुख T Vellappally के चेहरे भी दिखाई देंगे। इन नेताओं को गठबंधन की ताकत दिखाने के लिए प्रचार में प्रमुखता दी जाएगी।
बताया जा रहा है कि साबू एम जैकब और टी. वेल्लापेल्ली खुद चुनाव नहीं लड़ेंगे, लेकिन वे पूरे राज्य में NDA उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार करेंगे। गठबंधन का मानना है कि इससे अलग-अलग समुदायों और क्षेत्रों में समर्थन जुटाने में मदद मिलेगी।
सीटों के बंटवारे को लेकर भी चर्चा चल रही है। सूत्रों के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी करीब 100 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है, जबकि 20-20 पार्टी को लगभग 10 से 15 सीटें मिल सकती हैं। वहीं भारतीय जन धर्म सेना 25 से 30 सीटों पर उम्मीदवार उतार सकती है। इसके अलावा कुछ छोटे दल भी गठबंधन के साथ चुनाव मैदान में उतरेंगे।
गौरतलब है कि पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने करीब 115 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन एक भी सीट जीतने में सफल नहीं हो पाई थी। इस बार पार्टी ने कुछ नए नेताओं को भी शामिल किया है, जिनके बारे में दावा किया जा रहा है कि वे अपने दम पर चुनाव जीतने की क्षमता रखते हैं। ऐसे में NDA इस बार केरल में पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी में है।



