‘नारी से नारायणी’ राष्ट्रीय सम्मेलन, महिला नेतृत्व पर होगा राष्ट्रीय मंथन

सम्मेलन में विद्या, शक्ति, मुक्ति, चेतना और संस्कृति जैसे विषयों पर मंथन होगा। महिला सांसदों, कुलपतियों और आध्यात्मिक नेतृत्व से जुड़े विशेष पैनल भी आयोजित किए जाएंगे।

Naveen Bansal
Naveen Bansal


अंजलि भाटिया नई दिल्ली, 28 फरवरी: भारतीय नारी की शक्ति, नेतृत्व और समाज निर्माण में उसकी निर्णायक भूमिका को केंद्र में रखते हुए 7 और 8 मार्च को दिल्ली में नारी से नारायणी राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। यह दो दिवसीय सम्मेलन देशभर की महिला विचारकों, शिक्षाविदों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को एक मंच पर लाएगा, जहां महिला सशक्तिकरण को सांस्कृतिक और राष्ट्रीय दृष्टि से नए आयाम देने पर व्यापक चर्चा होगी।

यह कार्यक्रम विज्ञान भवन में आयोजित किया जाएगा। उद्घाटन दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता करेंगी, जबकि समापन समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।


आयोजन की जानकारी राष्ट्र सेविका समिति, शरण्या और भारतीय विद्वत परिषद के पदाधिकारियों ने दी। समिति की प्रमुख कार्यवाहिका सीता गायत्री अनायदानम ने कहा कि यह सम्मेलन भारतीय नारी की सकारात्मक शक्ति को संगठित करने का एक ठोस प्रयास है। भारतीय दृष्टि में महिला और पुरुष समान शक्ति के दो रूप हैं, जो मिलकर समाज के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त करते हैं।


इस अवसर पर राष्ट्र सेविका समिति की दिल्ली प्रांत प्रमुख रचना वाजपेयी ने बताया कि सम्मेलन में प्रमुख संचालिका शांता अनायदानम, साध्वी ऋतंभरा, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, धर्मेंद्र प्रधान, तथा अन्नपूर्णा देवी सहित अनेक प्रमुख अतिथि भाग लेंगे। आयोजन से प्राप्त सुझावों को संबंधित सरकारी विभागों तक भेजा जाएगा, ताकि महिला नेतृत्व को नीति स्तर पर भी मजबूती मिल सके।