नई दिल्ली: Nepal में स्थित माउंट एवरेस्ट पर एक खतरनाक ‘रेस्क्यू घोटाला’ सामने आया है, जिसने सबको हैरान कर दिया है। पुलिस जांच में पता चला है कि कुछ गाइड और शेरपा अपने ही क्लाइंट्स को जानबूझकर बीमार बना रहे हैं, ताकि उनके नाम पर मोटी कमाई की जा सके।
जांच के मुताबिक, पर्वतारोहियों के खाने या चाय में बेकिंग सोडा मिलाया जा रहा है। ज्यादा मात्रा में यह शरीर में जाने पर खून का संतुलन बिगाड़ देता है, जिससे चक्कर आना, सिरदर्द और सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। ये सभी लक्षण ऊंचाई पर होने वाली बीमारी यानी एल्टीट्यूड सिकनेस जैसे लगते हैं, जिससे पर्वतारोही घबरा जाता है।
जैसे ही हालत बिगड़ती दिखती है, तुरंत हेलिकॉप्टर रेस्क्यू की मांग की जाती है। यहीं से असली खेल शुरू होता है। एक रेस्क्यू ऑपरेशन के नाम पर कई तरह के बिल बनाए जाते हैं, जिनमें हेलिकॉप्टर, अस्पताल और इलाज का खर्च शामिल होता है। बताया जा रहा है कि इस पूरे नेटवर्क में कुछ अस्पताल और बिचौलिए भी शामिल हैं, जो कमीशन के लिए इस धंधे को बढ़ावा दे रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, पिछले कुछ सालों में सैकड़ों फर्जी रेस्क्यू मामलों का पता चला है। इन मामलों के जरिए अंतरराष्ट्रीय इंश्योरेंस कंपनियों को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। यह रकम करोड़ों में बताई जा रही है।
इस खुलासे के बाद अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या एवरेस्ट की चढ़ाई अब पहले जितनी सुरक्षित रह गई है। जहां एक तरफ लोग अपने सपनों को पूरा करने यहां आते हैं, वहीं दूसरी तरफ ऐसे गिरोह उनकी जान और पैसे दोनों के साथ खेल रहे हैं।
अब जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं, ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके और पर्वतारोहियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।




