लेबनान में UN शांति मिशन पर फायरिंग, भारतीय सैनिकों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

भारत के लिए यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि UNIFIL मिशन में करीब 642 भारतीय सैनिक तैनात हैं। भारतीय सेना लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाती रही है। ऐसे में लेबनान में बढ़ती हिंसा के बीच इन सैनिकों की सुरक्षा को लेकर स्वाभाविक रूप से चिंता जताई जा रही है।

लेबनान में बढ़ती हिंसा के बीच भारतीय सैनिकों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
लेबनान में बढ़ती हिंसा के बीच भारतीय सैनिकों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

नई दिल्ली: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच लेबनान से एक चिंताजनक खबर सामने आई है। संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन पर फायरिंग की घटना हुई है, जिससे वहां तैनात भारतीय सैनिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। जानकारी के मुताबिक लेबनान के दक्षिणी हिस्से में गश्त कर रही संयुक्त राष्ट्र की शांति सेना पर एक सशस्त्र समूह ने गोलीबारी की।

संयुक्त राष्ट्र के मिशन United Nations Interim Force in Lebanon (UNIFIL) ने बताया कि उसकी तीन गश्ती टीमों पर फायरिंग की गई। यह घटना दक्षिणी लेबनान के कुछ इलाकों में हुई, जहां हाल के दिनों में संघर्ष लगातार बढ़ रहा है। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस हमले में किसी भी शांति सैनिक के घायल होने की खबर नहीं है।

रिपोर्टों के मुताबिक हमले के पीछे एक गैर-सरकारी सशस्त्र समूह का हाथ हो सकता है। कई रिपोर्टों में इस समूह को Hezbollah से जुड़ा बताया जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। शांति सैनिकों ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की और इसके बाद अपनी गश्त जारी रखी।

दरअसल इस समय मध्य पूर्व में तनाव काफी बढ़ा हुआ है। Israel और Hezbollah के बीच टकराव तेज हो गया है, जिसे क्षेत्र में चल रहे व्यापक संघर्ष से भी जोड़ा जा रहा है। कई इलाकों में हवाई हमलों और सैन्य कार्रवाई की खबरें भी सामने आ रही हैं।

संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक दक्षिणी लेबनान में हालात काफी संवेदनशील बने हुए हैं। सीमा के आसपास लगातार गोलाबारी की घटनाएं दर्ज की जा रही हैं, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई है। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी उठने लगी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर क्षेत्र में संघर्ष और बढ़ता है तो वहां तैनात शांति सैनिकों के लिए हालात और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में क्षेत्र की स्थिति किस दिशा में जाती है।