International Women’s Day 2026: सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए भारत की खास पहलें

राजधानी दिल्ली में महिलाओं के लिए ‘सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड’ योजना शुरू की गई है। इस कार्ड के जरिए महिलाएं बसों में मुफ्त यात्रा कर सकती हैं। इसके साथ ही इस कार्ड का इस्तेमाल मेट्रो और रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम में भी किया जा सकता है, जिससे महिलाओं को सफर में सुविधा मिलती है।

“अधिकार, न्याय और कार्रवाई – सभी महिलाओं और लड़कियों के लिए”
“अधिकार, न्याय और कार्रवाई – सभी महिलाओं और लड़कियों के लिए”

नई दिल्ली: हर साल 8 मार्च को दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। इस दिन का मकसद महिलाओं की उपलब्धियों को सम्मान देना और समाज में बराबरी का अधिकार सुनिश्चित करना है। साल 2026 में महिला दिवस की थीम “अधिकार, न्याय और कार्रवाई – सभी महिलाओं और लड़कियों के लिए” रखी गई है। भारत में भी महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को मजबूत करने के लिए कई योजनाएं और पहलें शुरू की गई हैं।

महिलाओं की सुरक्षा के लिए भारतीय रेलवे ने ‘ऑपरेशन मेरी सहेली’ नाम की खास पहल शुरू की है। इसके तहत महिला आरपीएफ कर्मियों की टीमें ट्रेन में सफर करने वाली महिलाओं, खासकर अकेले यात्रा करने वाली यात्रियों पर नजर रखती हैं। ये टीमें यात्रा के दौरान उनसे संपर्क में रहती हैं और जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद भी करती हैं। देशभर में ऐसी सैकड़ों टीमें काम कर रही हैं।

शहरों में सुरक्षित यात्रा के लिए कई जगह महिला कैब और ऑटो सेवाएं भी शुरू की गई हैं। इन सेवाओं में महिला ड्राइवर ही वाहन चलाती हैं, जिससे महिला यात्रियों को ज्यादा सुरक्षित महसूस होता है। कुछ राइड-हेलिंग कंपनियों ने ऐसे फीचर भी शुरू किए हैं जिनमें महिला यात्री महिला ड्राइवर को प्राथमिकता दे सकती हैं।

सार्वजनिक परिवहन में भी महिलाओं के लिए अलग व्यवस्था की गई है। दिल्ली मेट्रो में पहला कोच महिलाओं के लिए आरक्षित होता है। वहीं मुंबई की लोकल ट्रेनों में भी महिलाओं के लिए अलग डिब्बे होते हैं, ताकि भीड़भाड़ के समय उन्हें सुरक्षित और आरामदायक यात्रा मिल सके।

महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए केंद्र सरकार ने ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान भी शुरू किया है। इस योजना का उद्देश्य लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देना और समाज में उनके साथ होने वाले भेदभाव को कम करना है। इसके साथ ही सुकन्या समृद्धि योजना के तहत माता-पिता अपनी बेटी के नाम बचत खाता खोल सकते हैं।

इसके अलावा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जाती है, जबकि किशोरी शक्ति योजना के जरिए किशोरियों के स्वास्थ्य, पोषण और कौशल विकास पर ध्यान दिया जाता है।

इन सभी योजनाओं का मकसद महिलाओं को सुरक्षित माहौल देना और उन्हें हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए मजबूत बनाना। महिला दिवस के मौके पर यह याद दिलाता है कि समाज की तरक्की तभी संभव है, जब महिलाएं सुरक्षित और सशक्त हों।