नई दिल्ली: किसानों के लिए राहत और तकनीक का नया रास्ता खुल गया है। अब खेती से जुड़ी किसी भी समस्या के समाधान के लिए उन्हें दफ्तरों या कृषि केंद्रों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। Indian Council of Agricultural Research (आईसीएआर) ने किसानों की मदद के लिए ‘किसान सारथी’ मोबाइल ऐप लॉन्च किया है, जिसके जरिए किसान सीधे कृषि और पशु विज्ञान के विशेषज्ञों से जुड़ सकेंगे।
इस ऐप की सबसे खास बात यह है कि किसान अपने मोबाइल से ही सवाल भेज सकते हैं। अगर फसल में कोई बीमारी लग गई हो, कीटों का प्रकोप हो या पशुओं से जुड़ी कोई परेशानी हो, तो किसान उसकी जानकारी लिखकर भेज सकते हैं। चाहें तो खेत या फसल की फोटो भी अपलोड कर सकते हैं, जिससे वैज्ञानिक सही तरीके से समस्या को समझ सकें।
किसान द्वारा भेजा गया सवाल संबंधित जिले के कृषि विज्ञान केंद्र या आईसीएआर के विशेषज्ञों तक पहुंचेगा। वहां से वैज्ञानिक समस्या का विश्लेषण कर समाधान बताएंगे। जरूरत पड़ने पर किसानों को फोन या मैसेज के जरिए भी मार्गदर्शन दिया जाएगा। इससे किसानों को समय पर सही सलाह मिल सकेगी और फसल खराब होने से बचाई जा सकेगी।
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों का कहना है कि यह ऐप किसानों और वैज्ञानिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित करेगा। इससे पौध रोग प्रबंधन, कीट नियंत्रण, मिट्टी की जांच, पशु देखभाल और आधुनिक खेती की तकनीकों की जानकारी एक ही जगह मिल सकेगी। किसानों को अब अलग-अलग दफ्तरों में जाकर पूछताछ करने की जरूरत नहीं होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म से खेती को वैज्ञानिक आधार मिलेगा। सही समय पर सलाह मिलने से उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आमदनी में भी सुधार होगा। खासकर छोटे और सीमांत किसानों के लिए यह ऐप बहुत उपयोगी साबित हो सकता है, जो दूर-दराज के इलाकों में रहते हैं।




