सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, यह साजिश पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हाल ही में हुए एक मस्जिद विस्फोट का बदला लेने के इरादे से रची जा रही है। इसी वजह से भारत में भीड़भाड़ वाले और ऐतिहासिक स्थलों को टारगेट किया जा सकता है। लाल किला और धार्मिक स्थल आतंकियों की प्राथमिक सूची में बताए जा रहे हैं।
पिछले साल नवंबर में लाल किले के पास हुए कार बम धमाके की घटना को एजेंसियां अब भी गंभीरता से ले रही हैं। उस हमले में कई लोगों की जान चली गई थी। जांच में सामने आया था कि एक आतंकी मॉड्यूल इस साजिश के पीछे काम कर रहा था। इस मॉड्यूल का मास्टरमाइंड एक पढ़ा-लिखा व्यक्ति बताया गया था, जो युवाओं को गुमराह कर आत्मघाती हमलों के लिए तैयार करने की कोशिश कर रहा था।
इसी जांच के दौरान श्रीनगर पुलिस और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक समानांतर आतंकी नेटवर्क का खुलासा किया है। पूछताछ में यह बात सामने आई कि आतंकी नए लोगों को भर्ती करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन कुछ मामलों में लोग पीछे भी हट गए।
इस पूरे इनपुट के बाद दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने लाल किला, चांदनी चौक और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है। मंदिरों और भीड़भाड़ वाली जगहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। सीसीटीवी निगरानी बढ़ाई गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान में हुए हमले पर दुख जताया है, लेकिन साथ ही भारत पर लगाए जा रहे आरोपों को खारिज किया है। मंत्रालय का कहना है कि आतंकवाद से निपटना हर देश की जिम्मेदारी है और निर्दोष लोगों की जान जाना बेहद दुखद है।
सुरक्षा एजेंसियों ने आम लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की है। किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति की जानकारी तुरंत पुलिस को देने को कहा गया है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर पूरी नजर रखी जा रही है और किसी भी खतरे से निपटने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।




