नई दिल्ली: पंजाब में काम करने वाले परिवहन कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री सेहत योजना का दायरा बढ़ाते हुए अब पंजाब रोडवेज, पीआरटीसी और अन्य परिवहन कर्मियों को भी इसमें शामिल कर लिया गया है। इस पहल का मकसद उन लोगों तक स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना है, जो अपने काम की वजह से अक्सर इलाज को टालते रहते हैं।
पटियाला में आयोजित दो दिवसीय सेहत कैंप के दौरान बड़ी संख्या में बस ड्राइवर, ऑटो और टैक्सी चालकों के साथ उनके परिवारों का मौके पर ही पंजीकरण किया गया। इन सभी को तुरंत सेहत कार्ड भी जारी किए गए, जिससे अब वे सालाना 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज करा सकेंगे।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि परिवहन कर्मचारी लगातार सफर में रहते हैं और समय पर इलाज नहीं करा पाते। ऐसे में उन्हें इस योजना में शामिल करना बेहद जरूरी था। अब ये कर्मचारी और उनके परिवार बिना किसी डर के इलाज करा सकेंगे और उन्हें आर्थिक बोझ की चिंता नहीं रहेगी।
पीआरटीसी के चेयरमैन ने भी इस पहल को जरूरी बताते हुए कहा कि परिवहन कर्मचारी राज्य की रीढ़ हैं, जो लोगों को जोड़कर रखते हैं। उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है और यह कैंप उसी दिशा में एक मजबूत कदम है।
इस दौरान कई ऐसे लोगों का भी पंजीकरण किया गया, जो पहले कभी किसी सरकारी योजना का लाभ नहीं ले पाए थे। एक उदाहरण 63 साल के पूर्व कर्मचारी का रहा, जिन्हें दृष्टि संबंधी परेशानी है, लेकिन अब उन्हें भी इस योजना का लाभ मिलेगा।
सरकार का दावा है कि अब तक लाखों लोगों को इस योजना से जोड़ा जा चुका है और हर दिन हजारों नए लोग इसमें पंजीकरण कर रहे हैं। बजट में भी इस योजना के लिए बड़ा प्रावधान किया गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसका फायदा मिल सके।




