कैबिनेट में ‘BHAVYA’ प्लान पर मंथन, क्या बदलेगी देश की इंडस्ट्री की तस्वीर?

BHAVYA योजना को ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ जैसे अभियानों का अगला कदम माना जा रहा है। अगर इसे मंजूरी मिलती है, तो भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम हो सकता है। हालांकि, इसका असली असर इस बात पर निर्भर करेगा कि इसे जमीन पर कैसे लागू किया जाता है।

बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में संसद भवन में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक हुई।
बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में संसद भवन में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक हुई।

नई दिल्ली: दिल्ली के संसद भवन में बुधवार  को बड़ी हलचल देखने को मिली, जहां Narendra Modi की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट की अहम बैठक हुई। इस बैठक में कई बड़े फैसलों पर चर्चा हुई, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा जिस योजना को लेकर है, वह है ‘BHAVYA’ यानी भारत औद्योगिक विकास योजना।

सरकार का फोकस इस योजना के जरिए देश की इंडस्ट्री को नई रफ्तार देने पर है। आसान भाषा में समझें तो BHAVYA योजना का मकसद भारत में मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाना, नए इंडस्ट्रियल एरिया बनाना और छोटे-बड़े कारोबारियों को मजबूत करना है। सरकार चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा सामान देश में ही बने, जिससे बाहर से चीजें मंगाने की जरूरत कम हो।

इस योजना के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार, बेहतर लॉजिस्टिक्स और नई टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने जैसे कदम उठाए जा सकते हैं। साथ ही, छोटे और मझोले उद्योगों (MSME) को सस्ता लोन और टैक्स में राहत देने की भी बात सामने आ रही है। माना जा रहा है कि इससे रोजगार के नए मौके भी बनेंगे और युवाओं को फायदा मिलेगा।

कैबिनेट बैठक में सिर्फ इंडस्ट्री ही नहीं, बल्कि अन्य अहम मुद्दों पर भी चर्चा हुई। विदेशी फंडिंग से जुड़े नियमों यानी FCRA में बदलाव पर भी मंथन हुआ है, जिससे विदेशी चंदे की निगरानी और सख्त हो सकती है। इसके अलावा ऊर्जा क्षेत्र में छोटे जलविद्युत प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देने और कृषि क्षेत्र में किसानों के नुकसान की भरपाई के लिए पैकेज पर भी विचार किया गया।