नवरात्रि पर महिला शक्ति की गूंज, दिल्ली में ‘शतायु संघ और महिला सहभागिता’ किताब का विमोचन

प्रभात प्रकाशन द्वारा प्रकाशित इस किताब में महिलाओं की भागीदारी और उनकी भूमिका को संघ की विचारधारा से जोड़ते हुए समझाया गया है। लेखिका के मुताबिक, “संघ में महिला और पुरुष दोनों को बराबरी से देखा जाता है, लेकिन इसे समझने के लिए सही दृष्टिकोण जरूरी है।”

Naveen Bansal
Naveen Bansal

नयी दिल्ली: नई दिल्ली में 18 मार्च को NDMC कन्वेंशन सेंटर, कनॉट प्लेस में सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. शोभा विजेंद्र की नई किताब “शतायु संघ और महिला सहभागिता” का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में कई प्रमुख हस्तियां शामिल रहीं और महिला भूमिका पर गहराई से चर्चा हुई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख Sunil Ambekar ने की, जबकि दिल्ली विधानसभा के स्पीकर Vijender Gupta विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इसके अलावा स्वंसेविका समिति की पदाधिकारी सुनीता भाटिया समेत कई गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।

डॉ. शोभा विजेंद्र ने अपने संबोधन में बताया कि यह किताब उनके जीवन के अनुभवों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि बचपन से लेकर अब तक जो उन्होंने जिया और देखा, वही इस पुस्तक का मुख्य स्रोत है। साथ ही, वर्तमान समय के सामाजिक विचारों, प्रश्नों और संवादों को पढ़कर इस किताब को एक स्वरूप दिया गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि यह पुस्तक उन धारणाओं को चुनौती देने के लिए लिखी गई है, जिनमें संस्थाओं को एकतरफा नजरिए से देखा जाता है। सरल भाषा में लिखी गई यह किताब आम लोगों तक आसानी से अपनी बात पहुंचाती है।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि नवरात्रि के शुभ अवसर पर इस तरह की किताब का विमोचन और भी ज्यादा प्रासंगिक हो जाता है, क्योंकि यह महिला शक्ति और उनकी भूमिका को सामने लाने का काम करती है।