नई दिल्ली: भारत की खुफिया एजेंसियों को खालिस्तानी गतिविधियों को लेकर एक बड़ा इनपुट मिला है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक खालिस्तानी समर्थक कुछ बड़े और संगठित हमलों की साजिश रच सकते हैं। खास तौर पर भारत और विदेशों में रहने वाले प्रभावशाली लोगों को निशाना बनाए जाने की आशंका जताई जा रही है। एजेंसियों का कहना है कि इन साजिशों का मकसद डर और दहशत का माहौल बनाना हो सकता है।
दरअसल हाल के समय में भारत और कनाडा के रिश्तों में सुधार देखने को मिला है। माना जा रहा है कि इसी वजह से खालिस्तानी समर्थक संगठनों में नाराज़गी बढ़ गई है। एजेंसियों के मुताबिक कुछ कट्टरपंथी तत्व इस स्थिति से परेशान हैं और इसी वजह से वे हिंसक गतिविधियों की योजना बना रहे हैं। खुफिया सूत्रों का कहना है कि विदेशों में सक्रिय कुछ खालिस्तानी नेता अपने समर्थकों को उकसाने की कोशिश कर रहे हैं।
इस बीच कनाडा में पंजाबी मूल की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नैन्सी ग्रेवाल की हत्या ने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि वह खालिस्तानी नेताओं की आलोचना करती थीं और भारत के समर्थन में खुलकर बोलती थीं। 3 मार्च को कनाडा में उनकी चाकू मारकर हत्या कर दी गई। हालांकि कनाडा पुलिस ने अभी तक इस हत्या के पीछे की वजह साफ नहीं की है, लेकिन भारतीय एजेंसियां इसे खालिस्तानी गतिविधियों से जोड़कर भी देख रही हैं।
सूत्रों के अनुसार पिछले कुछ समय से पाकिस्तान की तरफ से ड्रोन के जरिए पंजाब में हथियार और नशीले पदार्थ भेजने की कोशिशें भी हुई हैं। हालांकि सीमा पर कड़ी सुरक्षा और एजेंसियों की सतर्कता के कारण इन साजिशों को काफी हद तक नाकाम किया गया है। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं और संभावित खतरे को देखते हुए कई जगहों पर निगरानी भी बढ़ा दी गई है।




