नई दिल्ली: भवानीपुर सीट से बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे। नामांकन से पहले अमित शाह ने भवानीपुर में रोड शो किया, जिसमें बड़ी संख्या में समर्थक जुटे। हालांकि इस दौरान बीजेपी और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प भी हो गई, जिससे इलाके में तनाव फैल गया।
वहीं मालदा से बेहद गंभीर खबर सामने आई है। यहां सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट को लेकर विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया। गुस्साई भीड़ ने न्यायाधीशों के काफिले पर हमला कर दिया और करीब 100 गाड़ियों में तोड़फोड़ की। इतना ही नहीं, सात न्यायिक अधिकारियों को घेरने की भी कोशिश की गई। पुलिस ने किसी तरह देर रात हालात काबू में किए और सभी अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकाला, लेकिन इलाके में अब भी तनाव बना हुआ है।
इस घटना को लेकर राजनीति भी तेज हो गई है। बीजेपी ने टीएमसी सरकार पर कानून-व्यवस्था फेल होने का आरोप लगाया, वहीं टीएमसी ने इसके लिए चुनावी प्रक्रिया को जिम्मेदार ठहराया। बीजेपी सांसदों ने इसे साजिश बताया, जबकि टीएमसी नेताओं ने कहा कि हालात चुनाव आयोग की नीतियों के कारण बिगड़े हैं।
इसी बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली, हैदराबाद, बेंगलुरु और पश्चिम बंगाल में आई-पैक (IPAC) से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई कोयला घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की जा रही है, जिससे चुनावी माहौल और गर्म हो गया है।
वोटर लिस्ट विवाद भी लगातार गहराता जा रहा है। बताया जा रहा है कि लाखों नाम सूची से हटाए गए हैं, जिस पर लोगों में भारी नाराजगी है। सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक, इन आपत्तियों पर 7 अप्रैल तक फैसला हो सकता है।
बंगाल में चुनावी लड़ाई अब सिर्फ वोट तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह सियासी ताकत, रणनीति और जमीन पर संघर्ष की बड़ी परीक्षा बन गई है। आने वाले दिनों में यह मुकाबला और भी तेज होने के संकेत हैं।




