होली से पहले किसानों के खाते में पैसा, धान पर मिलेगा एमएसपी का अंतर

छत्तीसगढ़ के धान किसानों के लिए होली से पहले बड़ी खुशखबरी आई है। राज्य सरकार ने फैसला किया है कि जिन किसानों ने सरकारी खरीदी केंद्रों पर धान बेचा है, उन्हें समर्थन मूल्य (MSP) और तय दर के अंतर की राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी। यह पैसा एकमुश्त डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए ट्रांसफर किया जाएगा।

यह निर्णय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया। सरकार के मुताबिक इस योजना से राज्य के करीब 25 लाख से ज्यादा किसानों को फायदा मिलेगा। कुल मिलाकर लगभग 10 हजार करोड़ रुपये किसानों के खातों में भेजे जाएंगे।

कैबिनेट बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रेस को जानकारी दी कि सरकार किसानों के हितों को सबसे ऊपर रखकर फैसले ले रही है। उन्होंने कहा कि होली से पहले भुगतान इसलिए किया जा रहा है ताकि किसानों को त्योहार के समय किसी तरह की आर्थिक परेशानी न हो और वे अपने परिवार के साथ खुशी से पर्व मना सकें।

सरकार ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में राज्य के लगभग 25 लाख किसानों से 141 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीदी की गई है। यह भुगतान ‘कृषक उन्नति योजना’ के तहत किया जा रहा है, जिसमें एमएसपी और तय दर के बीच का अंतर किसानों को दिया जाता है। बीते दो वर्षों में इसी योजना के तहत किसानों को 25 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि दी जा चुकी है। अब इस नई किस्त के बाद यह आंकड़ा और बढ़ जाएगा।

इस योजना का फायदा उन्हीं किसानों को मिलेगा जिन्होंने सरकारी खरीदी केंद्रों पर पंजीयन कराकर धान बेचा है। पैसा सीधे बैंक खाते में आने से बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और किसानों को पूरा लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और सरकार का उद्देश्य उन्हें उनके परिश्रम का पूरा मूल्य दिलाना है। होली से पहले यह राशि मिलने से ग्रामीण इलाकों में बाजार में रौनक बढ़ेगी और किसानों को आर्थिक सहारा मिलेगा। सरकार के इस फैसले से लाखों धान किसानों के चेहरों पर त्योहार से पहले मुस्कान आने की उम्मीद है।