इस चुनाव के साथ 84 बिंदुओं वाले सुधार पैकेज पर जनमत संग्रह भी कराया जा रहा है। इसमें प्रधानमंत्री के कार्यकाल की सीमा तय करने, केयरटेकर सरकार प्रणाली की वापसी और संसद में ऊपरी सदन बनाने जैसे प्रस्ताव शामिल हैं। मतदाताओं को दो बैलेट पेपर दिए जा रहे हैं—सफेद बैलेट सांसद चुनने के लिए और गुलाबी बैलेट जनमत संग्रह के लिए।
इस बार चुनाव की सबसे बड़ी खासियत यह है कि शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग मैदान में नहीं है। उसका पंजीकरण निलंबित होने के कारण मुकाबला मुख्य रूप से बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच है। बीएनपी प्रमुख तारीक रहमान ने 17 साल बाद देश लौटकर चुनाव में भाग लिया है और रोजगार, कानून-व्यवस्था और अभिव्यक्ति की आज़ादी को बड़ा मुद्दा बनाया है।
चुनाव के दौरान नोआखली इलाके से हिंसा की खबर सामने आई है। यहां चुनाव कवर कर रहे बांग्लादेश टेलीविजन के पत्रकार मिराज उद्दीन पर हमला किया गया, जिसमें उन्हें गंभीर चोटें आईं। आरोप है कि हमले में कुछ राजनीतिक कार्यकर्ता शामिल थे। इस घटना ने चुनावी सुरक्षा और प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
ढाका-9 सीट से निर्दलीय उम्मीदवार तसनीम जारा ने आरोप लगाया है कि उनके पोलिंग एजेंटों को कई केंद्रों पर अंदर जाने से रोका गया। उन्होंने कहा कि कुछ जगहों पर बिना वजह एजेंटों को बाहर कर दिया गया, जिससे मतदान प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं।
अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने गुलशन मॉडल हाई स्कूल एंड कॉलेज में अपना वोट डाला। इसके बाद उन्होंने कहा कि आज का दिन “नए बांग्लादेश का जन्मदिन” है। उन्होंने लोगों से शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान की अपील की और कहा कि यह दिन उम्मीद और बदलाव का प्रतीक बनेगा।
इस चुनाव को “पहला Gen Z चुनाव” भी कहा जा रहा है। करीब 50 लाख युवा पहली बार वोट डाल रहे हैं। 2024 के आंदोलन से निकली नेशनल सिटिजन पार्टी भी इस बार मैदान में है, जिससे युवाओं की भागीदारी और प्रभाव साफ नजर आ रहा है।
देशभर में 42 हजार से ज्यादा मतदान केंद्र बनाए गए हैं और करीब 9 लाख सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। साथ ही 500 विदेशी पर्यवेक्षक भी चुनाव प्रक्रिया पर नजर रख रहे हैं। प्रशासन का दावा है कि चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से कराने की पूरी कोशिश की जा रही है।
बांग्लादेश का यह चुनाव न सिर्फ सत्ता परिवर्तन का फैसला करेगा, बल्कि यह तय करेगा कि देश भविष्य में किस दिशा में आगे बढ़ेगा। हिंसा और विवादों के बीच जनता की भागीदारी यह दिखा रही है कि लोग एक नए और बेहतर बांग्लादेश की उम्मीद के साथ वोट डाल रहे हैं।




