नई दिल्ली: Kerala के एट्टुमानूर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहीं 26 साल की Ashna Thampi इन दिनों चर्चा का बड़ा विषय बनी हुई हैं। वजह है उनका चुनावी हलफनामा, जिसमें उन्होंने अपनी कुल संपत्ति सिर्फ 84 रुपये बताई है। इसमें 40 रुपये नकद और 44 रुपये बैंक खाते में दर्ज हैं।
आज के समय में जहां उम्मीदवार करोड़ों की संपत्ति और बड़े-बड़े संसाधनों के साथ चुनाव लड़ते हैं, वहीं आशना का यह सादा अंदाज लोगों का ध्यान खींच रहा है। उनके पास न घर है, न जमीन, न गाड़ी और न ही कोई गहने। फिर भी वे पूरे आत्मविश्वास के साथ चुनावी मैदान में उतरी हैं।
आशना थंपी पढ़ी-लिखी और एक्टिव युवा नेता हैं। उन्होंने साहित्य में ग्रेजुएशन किया है और पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा हासिल किया है। वे All India Democratic Students Organisation से भी जुड़ी रही हैं और कई सामाजिक आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभा चुकी हैं। खासकर ASHA कार्यकर्ताओं के मुद्दों और K-Rail परियोजना के खिलाफ उनके विरोध को लेकर वे चर्चा में रही हैं।
उनका चुनाव प्रचार भी बाकी उम्मीदवारों से काफी अलग है। बड़े मंच, रैली और गाड़ियों के काफिले की जगह, वे आम लोगों के बीच जाकर छोटे-छोटे चंदे के जरिए अपना अभियान चला रही हैं। लोग 10, 20 या 50 रुपये देकर उनकी मदद कर रहे हैं। खुद आशना भी घर-घर जाकर प्रचार कर रही हैं।

वे अपने चुनाव में स्थानीय मुद्दों को उठा रही हैं, जैसे कोट्टायम मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की कमी, किसानों की समस्याएं और पानी की किल्लत। उनका कहना है कि लोकतंत्र में सबसे बड़ी ताकत पैसे की नहीं, बल्कि जनता के मुद्दों की होती है।
सोशल मीडिया पर भी आशना की खूब तारीफ हो रही है। लोग उन्हें ईमानदार और जमीन से जुड़ी उम्मीदवार बता रहे हैं। उनके माता-पिता दिहाड़ी मजदूर हैं और पार्टी से लंबे समय से जुड़े हुए हैं, जिससे साफ है कि उनके लिए राजनीति सेवा का माध्यम है।
आशना थंपी ने यह साबित कर दिया है कि चुनाव लड़ने के लिए सिर्फ पैसा ही नहीं, बल्कि मजबूत इरादे और लोगों का साथ भी जरूरी होता है। अब देखना होगा कि जनता उनके इस प्रयास को कितना समर्थन देती है।




