अमेरिका का अनोखा प्रयोग, C-17 से उड़ाया गया छोटा परमाणु रिएक्टर

अमेरिका ने रक्षा और ऊर्जा नीति के क्षेत्र में एक नया और अहम कदम उठाया है। पहली बार एक छोटे परमाणु रिएक्टर को विशाल सैन्य विमान C-17 के ज़रिए कैलिफोर्निया से यूटा पहुंचाया गया है। अमेरिकी रक्षा विभाग के अनुसार, यह रिएक्टर अब यूटा की एक विशेष प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए रखा जाएगा, जहां यह देखा जाएगा कि क्या इससे सैन्य ठिकानों को सुरक्षित और लगातार बिजली दी जा सकती है।

C-17
C-17

यह कदम उस योजना का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें अमेरिका अपनी परमाणु ऊर्जा क्षमता को आधुनिक बनाने पर ज़ोर दे रहा है। यह योजना पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के उस आदेश से जुड़ी बताई जा रही है, जिसमें देश की ऊर्जा और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की बात कही गई थी।

सरल शब्दों में कहें तो अमेरिका अपनी सेना के लिए ऐसा बिजली सिस्टम तैयार करना चाहता है, जो बाहरी बिजली ग्रिड या डीजल सप्लाई पर निर्भर न हो। यह छोटा परमाणु रिएक्टर सीधे सैन्य अड्डों को बिजली दे सकेगा और लंबे समय तक काम कर पाएगा।

इसकी जरूरत क्यों पड़ी?

आज की आधुनिक सेना सिर्फ हथियारों पर नहीं चलती, बल्कि हाई-टेक सिस्टम पर निर्भर है। रडार, मिसाइल डिफेंस सिस्टम, सैटेलाइट कम्युनिकेशन, ड्रोन कंट्रोल सेंटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीकें चौबीसों घंटे बिजली मांगती हैं। अगर युद्ध या किसी आपात स्थिति में बिजली सप्लाई बंद हो जाए, तो सैन्य ठिकाने कमजोर पड़ सकते हैं।

अभी ऐसे हालात में जनरेटर का सहारा लिया जाता है, लेकिन डीजल सप्लाई भी जोखिम भरी होती है। छोटे परमाणु रिएक्टर इस समस्या का स्थायी समाधान बन सकते हैं, क्योंकि वे लंबे समय तक लगातार ऊर्जा दे सकते हैं और बाहरी सप्लाई लाइन पर निर्भर नहीं रहते।

दुनिया को क्या संकेत मिल रहा है?

इस प्रयोग को सिर्फ तकनीकी टेस्ट नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे भविष्य की सैन्य रणनीति का संकेत भी समझा जा रहा है। अमेरिका दिखाना चाहता है कि वह अपनी सेना को ऊर्जा के मामले में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह परीक्षण सफल रहा, तो आने वाले समय में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ऐसे छोटे परमाणु रिएक्टर लगाए जा सकते हैं। इससे न केवल सेना की ताकत बढ़ेगी, बल्कि यह कदम दुनिया को यह संदेश भी देगा कि अमेरिका नई तकनीक के जरिए अपनी सुरक्षा को और मजबूत करने में जुटा है।