AIIMS दिल्ली में लॉन्च हुआ फेस ट्रांसप्लांट प्रोग्राम

AIIMS में आज लॉन्च हुआ फेस ट्रांसप्लांट प्रोग्राम भारत की मेडिकल दुनिया में एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है। यह पहल उन हजारों मरीजों के लिए उम्मीद की किरण बनेगी, जो अब तक अपने चेहरे की गंभीर समस्या के कारण सामाजिक और मानसिक परेशानियों का सामना कर रहे थे। अंशिका गौर की रिपोर्ट

नई दिल्ली के All India Institute of Medical Sciences (AIIMS) में आज आधिकारिक रूप से फेस ट्रांसप्लांट प्रोग्राम की शुरुआत कर दी गई। इस मौके पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉक्टरों और मेडिकल विशेषज्ञों ने इसे भारत के मेडिकल क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम बताया। यह कार्यक्रम उन मरीजों के लिए नई उम्मीद लेकर आया है, जिनका चेहरा किसी दुर्घटना, आग से झुलसने, जन्मजात बीमारी या किसी गंभीर रोग के कारण बुरी तरह खराब हो गया है।

AIIMS प्रशासन ने बताया कि इस फेस ट्रांसप्लांट प्रोग्राम के तहत मरीजों की पहले पूरी मेडिकल जांच की जाएगी और उसके बाद आधुनिक तकनीक से सर्जरी की जाएगी। यह एक बेहद जटिल प्रक्रिया है, जिसमें कई विभागों की टीम एक साथ काम करेगी। इसमें प्लास्टिक सर्जरी, एनेस्थीसिया, मानसिक स्वास्थ्य और नर्सिंग स्टाफ की अहम भूमिका होगी। अधिकारियों का कहना है कि इस इलाज का उद्देश्य सिर्फ चेहरे की बनावट सुधारना नहीं, बल्कि मरीज को दोबारा सामान्य जीवन जीने के लायक बनाना है।

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस की सबसे खास बात यह रही कि इसमें हार्वर्ड मेडिकल टीम से जुड़े वरिष्ठ डॉक्टर Dr Indranil Sinha भी शामिल हुए। उन्होंने फेस ट्रांसप्लांट सर्जरी से जुड़े अपने अनुभव साझा किए और बताया कि अमेरिका में अब तक कुल 30 फेस ट्रांसप्लांट किए जा चुके हैं, जिनमें से 10 सर्जरी उनकी टीम द्वारा की गई हैं। उन्होंने कहा कि यह सर्जरी मेडिकल साइंस की सबसे जटिल सर्जरी में से एक है और इसके लिए अनुभवी डॉक्टरों के साथ मजबूत मेडिकल सिस्टम की जरूरत होती है।

डॉ. इंद्रनील सिन्हा ने AIIMS के डॉक्टरों की तैयारी और सुविधाओं की सराहना करते हुए कहा कि भारत में इस तरह का कार्यक्रम शुरू होना एक बड़ा कदम है। इससे अब मरीजों को इलाज के लिए विदेश जाने की मजबूरी नहीं रहेगी और उन्हें देश में ही विश्वस्तरीय इलाज मिल सकेगा।

AIIMS अधिकारियों ने यह भी बताया कि फेस ट्रांसप्लांट के लिए अंगदान की तरह फेस डोनेशन की प्रक्रिया को लेकर लोगों को जागरूक किया जाएगा। समाज में इस विषय पर सही जानकारी फैलाना इस कार्यक्रम का एक अहम हिस्सा होगा।

कुल मिलाकर, AIIMS में आज लॉन्च हुआ फेस ट्रांसप्लांट प्रोग्राम भारत की मेडिकल दुनिया में एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है। यह पहल उन हजारों मरीजों के लिए उम्मीद की किरण बनेगी, जो अब तक अपने चेहरे की गंभीर समस्या के कारण सामाजिक और मानसिक परेशानियों का सामना कर रहे थे। अब उन्हें नई पहचान और नया आत्मविश्वास मिलने की राह खुल गई है।