सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, इन स्टार्टअप्स की मौजूदगी यह साबित करती है कि भारत अब सिर्फ गेम खेलने वाला देश नहीं रहा, बल्कि गेम बनाने और नई तकनीक विकसित करने में भी आगे बढ़ रहा है। AI, वर्चुअल रियलिटी और इंटरैक्टिव मीडिया के जरिए गेमिंग का अनुभव पूरी तरह बदलने की तैयारी है।
इस समिट में तीन खास स्टार्टअप्स अपने प्रोजेक्ट्स दिखा रहे हैं। पहला स्टार्टअप ऐसा AI प्लेटफॉर्म लेकर आया है जो गेम के लिए कैरेक्टर डिजाइन, बैकग्राउंड, स्टोरीबोर्ड और एनिमेशन कुछ ही मिनटों में तैयार कर सकता है। इससे गेम डेवलपर्स का समय और खर्च दोनों कम होगा और नए गेम तेजी से बनाए जा सकेंगे।
दूसरा स्टार्टअप अपने मल्टीप्लेयर क्रिकेट गेम को पेश कर रहा है, जिसे दुनिया भर में करोड़ों लोग खेलते हैं। खास बात यह है कि इसमें जनरेटिव AI से बनी रियल-टाइम कमेंट्री जोड़ी गई है, जिससे खिलाड़ी को लाइव मैच जैसा अनुभव मिलता है।
तीसरा स्टार्टअप एक अनोखा मोबाइल हैंडहेल्ड गेमिंग सिस्टम लेकर आया है। यह सिस्टम किसी भी आम स्मार्टफोन को गेमिंग कंसोल में बदल देता है। यानी अब बिना महंगे कंसोल के भी हाई-लेवल गेमिंग का मजा लिया जा सकेगा।
समिट के दौरान एक खास पैनल चर्चा भी रखी गई है, जिसमें निवेशक और टेक एक्सपर्ट यह बताएंगे कि AI आधारित गेमिंग में भारत के लिए कितने बड़े मौके हैं। इस चर्चा में यह भी बताया जाएगा कि आने वाले समय में गेम डेवलपमेंट कैसे बदलेगा और युवाओं को किन नई स्किल्स की जरूरत होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि AI Summit 2026 भारतीय गेमिंग इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है। इससे न सिर्फ स्टार्टअप्स को पहचान मिलेगी, बल्कि भारत को ग्लोबल गेमिंग मैप पर मजबूत जगह भी मिलेगी। गेमिंग लवर्स के लिए यह समिट भविष्य की झलक है, जहां गेम सिर्फ खेल नहीं, बल्कि एक नया डिजिटल अनुभव बन जाएगा।




