बीजेपी नेता संबित पात्रा ने कहा कि यह कोई अचानक हुआ प्रदर्शन नहीं था, बल्कि इसकी पूरी योजना पहले से बनाई गई थी। उन्होंने दावा किया कि कुछ प्रदर्शनकारी बारकोड और पास के जरिए अंदर घुसे थे और उन्होंने जानबूझकर टी-शर्ट उल्टी पहनकर विरोध जताया। पात्रा के मुताबिक, इस पूरे घटनाक्रम की रणनीति राहुल गांधी के आवास पर बनाई गई थी, जहां सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी भी मौजूद थीं।
संबित पात्रा ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह कदम देश की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए उठाया गया। उन्होंने कहा कि जब भारत तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में दुनिया के सामने अपनी पहचान बना रहा है, तब ऐसे प्रदर्शन देश को बदनाम करने की कोशिश हैं।

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केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब देश आगे बढ़ता है, तो कुछ लोगों को तकलीफ होती है। उनके मुताबिक, ऐसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में हंगामा करना भारत की प्रगति को रोकने जैसा है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पूरी दुनिया नई दिल्ली में हो रहे एआई समिट को देख रही थी और भारत के बढ़ते वैश्विक कद की सराहना कर रही थी। ऐसे समय में आयोजन स्थल पर हंगामा करना दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की छवि को नुकसान पहुंचा है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एआई समिट में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हैं और इस तरह की घटनाएं देश को बदनाम करने की कोशिश हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस देश की छवि खराब कर अराजकता फैलाना चाहती है।

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वहीं केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस प्रदर्शन से देश शर्मिंदा हुआ है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राजनीति देश की गरिमा से ऊपर हो गई है।
इस पूरे मामले पर दिल्ली पुलिस ने भी कार्रवाई की बात कही है और हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ जारी है। एआई समिट के दौरान हुए इस विरोध प्रदर्शन ने तकनीकी सम्मेलन के बजाय राजनीतिक विवाद को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।




