AAP से गए सांसदों पर घमासान, भगवंत मान बोले- सदस्यता रद्द हो

राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू से मुलाकात के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने AAP छोड़कर भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सांसदों पर कड़ा रुख अपनाया और उनकी सदस्यता रद्द करने की मांग उठाई।

आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सांसदों की सदस्यता रद्द होनी चाहिए... - Bhagwant Mann | Photo Credit: Naveen Bansal
आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सांसदों की सदस्यता रद्द होनी चाहिए... - Bhagwant Mann | Photo Credit: Naveen Bansal

नई दिल्ली: Punjab के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने राष्ट्रपति Droupadi Murmu से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सांसदों की सदस्यता रद्द होनी चाहिए। उन्होंने यह भी मांग रखी कि जो 7 राज्यसभा सीटें खाली हुई हैं, उन्हें दोबारा भरने का मौका AAP को दिया जाए। भगवंत मान ने कहा कि अगर संविधान में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, तो उसमें संशोधन किया जाना चाहिए।

साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनकी बात सुनी और कहा है कि वह इस मामले पर संवैधानिक Experts से चर्चा करके जवाब देंगी। इसके अलावा, पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत को लेकर मान ने कहा कि भाजपा ने हमेशा पंजाब की अनदेखी की है और वह राज्य के हितों के खिलाफ रही है।

भाजपा पंजाब के लिए कट्टर विरोधी है… बोले – भगवंत मान | Photo Credit: Naveen Bansal

दरअसल, यह पूरा मामला आम आदमी पार्टी के 7 राज्यसभा सांसदों के पार्टी छोड़ने और भाजपा में शामिल होने से जुड़ा है। 24 अप्रैल को AAP को बड़ा झटका लगा था, जब उसके 10 में से 7 सांसदों—राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, विक्रमजीत साहनी और स्वाति मालीवाल—ने पार्टी छोड़ दी थी। इन सांसदों ने आरोप लगाया था कि पार्टी अपने मूल सिद्धांतों से भटक गई है, जिसके बाद उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया। इसी घटनाक्रम को लेकर अब राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है और AAP इस मामले को संवैधानिक स्तर पर चुनौती देने की बात कर रही है।