होर्मुज खोलने और 45 दिन के सीजफायर से ईरान ने किया इनकार, शर्तें ठुकराईं

Iran और United States के बीच जारी तनाव अब और गहराता नजर आ रहा है। 45 दिन के युद्धविराम और होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के प्रस्ताव को ईरान ने ठुकरा दिया है, जिससे शांति की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है।

ईरान ने अमेरिका के प्रस्ताव को साफ तौर पर खारिज कर दिया है। (Photo Credit : IANS)
ईरान ने अमेरिका के प्रस्ताव को साफ तौर पर खारिज कर दिया है। (Photo Credit : IANS)

नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष को खत्म करने के लिए एक नया प्रस्ताव सामने आया था। इस प्रस्ताव में 45 दिन के अस्थायी सीजफायर और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलने की बात कही गई थी। इस पहल को मिस्र, पाकिस्तान और तुर्किये जैसे देशों की मध्यस्थता से तैयार किया गया था, ताकि दोनों पक्ष बातचीत की टेबल पर आ सकें।

लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने इस प्रस्ताव को साफ तौर पर खारिज कर दिया है। ईरान का मानना है कि अमेरिका स्थायी शांति के लिए गंभीर नहीं है और केवल अस्थायी समझौते के जरिए अपनी रणनीति मजबूत करना चाहता है। ईरानी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि जब तक उन्हें वित्तीय मुआवजा और भविष्य में हमले न होने की गारंटी नहीं मिलती, तब तक वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।

इस प्रस्ताव के तहत पहले चरण में 45 दिन का युद्धविराम लागू करने की योजना थी, ताकि इस दौरान स्थायी शांति समझौते पर बातचीत हो सके। अगर जरूरत पड़ती, तो इस अवधि को आगे भी बढ़ाया जा सकता था। दूसरे चरण में युद्ध को पूरी तरह खत्म करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने जैसे बड़े फैसले शामिल थे।

हालांकि, मौजूदा हालात में दोनों देशों के बीच समझौता होता नहीं दिख रहा है। Donald Trump ने हाल ही में ईरान के अहम ठिकानों पर हमले की धमकी दी है, जिससे तनाव और बढ़ गया है। दूसरी ओर ईरान भी लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है और किसी भी संभावित सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार रहने की बात कह रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर दोनों पक्ष अपनी-अपनी शर्तों पर अड़े रहे, तो यह टकराव और लंबा खिंच सकता है। ऐसे में न सिर्फ पश्चिम एशिया बल्कि पूरी दुनिया पर इसका असर पड़ सकता है, खासकर तेल आपूर्ति और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर।

फिलहाल हालात ऐसे हैं कि शांति की राह मुश्किल नजर आ रही है और आने वाले दिनों में यह तनाव और गंभीर रूप ले सकता है।