हिम चंडीगढ़: शिमला की भीड़ कम करने के लिए बड़ा मास्टर प्लान

हिमाचल प्रदेश सरकार ने नई सिटी हिम चंडीगढ़ के विकास से जुड़ी सभी औपचारिकताओं को 30 दिनों के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। शिमला में बढ़ती भीड़ को कम करने के लिए अनाज मंडी, लकड़ी मंडी और वर्कशॉप्स को शहर से बाहर स्थानांतरित किया जाएगा।

हिमाचल प्रदेश सरकार ने नई सिटी हिम चंडीगढ़ के विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई कैबिनेट उप-समिति की बैठक में संबंधित विभागों को 30 दिनों के भीतर सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने के निर्देश दिए गए, ताकि नई सिटी का निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू किया जा सके।

बैठक में शिमला शहर और बद्दी–बरोटीवाला क्षेत्र में बढ़ते जनसंख्या दबाव और यातायात जाम को कम करने को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई।

राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने बताया कि लगभग 3,400 बीघा भूमि पहले ही HIMUDA को हिम चंडीगढ़ के विकास के लिए स्थानांतरित की जा चुकी है। अब सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि परियोजना में किसी प्रकार की देरी न हो।

शिमला में बढ़ती भीड़ और यातायात समस्याओं को देखते हुए कैबिनेट उप-समिति ने कई अहम फैसले लिए:

  • शहर से बाहर 12 प्रमुख अनाज व्यापारियों को स्थानांतरित किया जाएगा
  • लक्कड़ बाजार की लकड़ी मंडी और मैकेनिकल वर्कशॉप्स को भी शहर से बाहर शिफ्ट किया जाएगा
  • सब्जी मंडी के पास करीब 200 दुकानदारों को नए भवन में आधुनिक दुकानें उपलब्ध कराई जाएंगी

शिमला के उपायुक्त द्वारा इन स्थानांतरणों के लिए उपयुक्त स्थानों की पहचान पहले ही कर ली गई है, जिन्हें संबंधित विभागों के अधिकारियों द्वारा निरीक्षण के बाद अंतिम रूप दिया जाएगा।

राजस्व मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि शिमला में PPP मॉडल के तहत विकसित कुछ पार्किंग परियोजनाओं—जैसे टूटीकंडी, संजौली और लिफ्ट पार्किंग—से जुड़े विवाद फिलहाल हाईकोर्ट में विचाराधीन हैं। सरकार इस संबंध में कानूनी सलाह ले रही है और अधिकारियों को इन मुद्दों के समाधान की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।

जगत सिंह नेगी ने जोर देकर कहा कि सरकार का उद्देश्य शिमला जैसे अत्यधिक भीड़भाड़ वाले शहरों पर दबाव कम करना और सुनियोजित शहरी विकास को बढ़ावा देना है। हिम चंडीगढ़ इस दिशा में एक प्रमुख परियोजना होगी, जिससे प्रशासनिक और आवासीय सुविधाओं का विस्तार संभव होगा।

गौरतलब है कि हाल ही में टाउनशिप विकसित करने की संभावनाओं को तलाशने के लिए एक कैबिनेट उप-समिति गठित की गई थी, जिसकी रिपोर्ट को कैबिनेट ने स्वीकार कर लिया है।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा था कि चंडीगढ़ की सीमा से सटे सोलन जिले के बद्दी क्षेत्र के शीतलपुर में प्रस्तावित विश्वस्तरीय टाउनशिप का नाम हिम-चंडीगढ़ रखा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा, “टाउनशिप विकसित करने की संभावनाओं को तलाशने के लिए एक कैबिनेट उप-समिति गठित की गई थी और उसकी रिपोर्ट को कैबिनेट ने स्वीकार कर लिया है।” उन्होंने आगे बताया कि “तीन पंचायतें भूमि पूलिंग के माध्यम से टाउनशिप के लिए भूमि देने को तैयार हैं और कैबिनेट पहले ही 3,400 बीघा भूमि को आवास विभाग को हस्तांतरित करने की मंजूरी दे चुकी है। अगले छह महीनों में और भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा तथा विश्वस्तरीय सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए जल्द ही कंसल्टेंट्स नियुक्त किए जाएंगे।”

वहीं, कैबिनेट बैठक के बाद उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि चंडीगढ़ के पास प्रस्तावित इस टाउनशिप परियोजना के लिए और अधिक निजी या वन भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा, जहां विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की जाएंगी।