लारीजानी के बाद कौन? ‘सख्त तेवर’ वाले जलीली की एंट्री से क्या और सख्त होगा ईरान?

जलीली की खासियत यह है कि वे समझौता करने के बजाय अपनी शर्तों पर बात करने में विश्वास रखते हैं। यही वजह है कि उन्हें ‘हार्डलाइन’ नेता के तौर पर देखा जाता है। अगर उन्हें लारीजानी की जगह दी जाती है, तो ईरान की विदेश नीति और ज्यादा सख्त हो सकती है।

क्या Ali Larijani की जगह लेंगे Saeed Jalili?
क्या Ali Larijani की जगह लेंगे Saeed Jalili?

नई दिल्ली: ईरान-इजरायल तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है, जिसने मध्य पूर्व की राजनीति को हिला दिया है। तेहरान में हुए एयरस्ट्राइक में ईरान के वरिष्ठ नेता Ali Larijani की मौत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि उनकी जगह कौन लेगा।

लारीजानी ईरान की सुरक्षा और रणनीति के अहम चेहरे थे। वे देश की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल से जुड़े बड़े फैसलों में मुख्य भूमिका निभाते थे। अमेरिका और इजरायल के साथ बढ़ते तनाव के बीच उनकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई थी। ऐसे में उनका अचानक जाना ईरान के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

अब चर्चा जिस नाम को लेकर सबसे ज्यादा हो रही है, वो है Saeed Jalili। जलीली को ईरान का सख्त और स्पष्ट रुख रखने वाला नेता माना जाता है। वे पहले भी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपने तेवर दिखा चुके हैं, खासकर जब उन्होंने पश्चिमी देशों के साथ परमाणु वार्ताओं में हिस्सा लिया था।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव का असर सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं रहेगा। इसका असर पूरे मध्य पूर्व पर पड़ सकता है। अमेरिका और इजरायल के साथ पहले से चल रहा तनाव और बढ़ सकता है, जिससे क्षेत्र में अस्थिरता भी बढ़ने की आशंका है।

हालांकि, अभी तक इस पर कोई आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन जिस तरह से जलीली का नाम सामने आ रहा है, उससे यह साफ है कि ईरान एक बार फिर सख्त रुख अपनाने की दिशा में बढ़ सकता है।