नई दिल्ली: लद्दाख में हुए विवाद और हिंसा के मामले में गिरफ्तार किए गए इंजीनियर और सामाजिक कार्यकर्ता Sonam Wangchuk को केंद्र सरकार ने रिहा करने का फैसला किया है। सरकार ने उनकी हिरासत को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम यानी National Security Act के तहत समाप्त कर दिया है। यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।
दरअसल, पिछले साल सितंबर में लेह में हुए विरोध प्रदर्शनों और हिंसा के बाद प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए थे। इसी दौरान 26 सितंबर 2025 को जिला प्रशासन के आदेश पर सोनम वांगचुक को NSA के तहत हिरासत में लिया गया था। बताया जा रहा है कि वे अब तक अपनी हिरासत की अवधि का लगभग आधा समय जेल में बिता चुके थे।
केंद्र सरकार का कहना है कि यह फैसला लद्दाख में शांति और स्थिरता बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है। सरकार के मुताबिक क्षेत्र में सभी पक्षों के साथ बातचीत और समाधान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए यह कदम जरूरी समझा गया। सरकार लगातार लद्दाख के विभिन्न सामाजिक समूहों और स्थानीय नेताओं से बातचीत कर रही है ताकि वहां के लोगों की चिंताओं का समाधान निकाला जा सके।
पिछले कुछ महीनों में लद्दाख में कई बार बंद और विरोध प्रदर्शन देखने को मिले थे। इन प्रदर्शनों का असर स्थानीय जीवन और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा। खास तौर पर पर्यटन, व्यापार और रोज़गार से जुड़े लोगों को काफी नुकसान हुआ। छात्रों और नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं की पढ़ाई पर भी इसका असर देखने को मिला।
अगर सोनम वांगचुक की बात करें तो वे लद्दाख के जाने-माने इंजीनियर, शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता हैं। उन्होंने लद्दाख में शिक्षा सुधार और पर्यावरण संरक्षण के लिए कई पहल की हैं। बॉलीवुड फिल्म 3 Idiots में आमिर खान का किरदार ‘फुनसुक वांगडू’ भी काफी हद तक उन्हीं से प्रेरित बताया जाता है।




