राज्यसभा चुनाव से पहले ‘रिसॉर्ट पॉलिटिक्स’, कांग्रेस ने हरियाणा के विधायकों को शिमला शिफ्ट किया

हरियाणा में पहले भी राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग के मामले सामने आ चुके हैं। साल 2016 और 2022 के चुनाव में भी कांग्रेस को इसी वजह से झटका लगा था। इसी अनुभव को देखते हुए इस बार पार्टी कोई जोखिम नहीं लेना चाहती।

रिसॉर्ट पॉलिटिक्स
रिसॉर्ट पॉलिटिक्स

नई दिल्ली: राज्यसभा चुनाव से पहले हरियाणा की राजनीति में एक बार फिर ‘रिसॉर्ट पॉलिटिक्स’ देखने को मिल रही है। क्रॉस वोटिंग की आशंका के चलते कांग्रेस ने अपने कई विधायकों को चंडीगढ़ से हिमाचल प्रदेश के शिमला के पास कुफरी स्थित एक रिसॉर्ट में भेज दिया है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस के 37 में से 31 विधायकों को यहां ठहराया गया है, जहां उनकी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

सूत्रों के मुताबिक इन विधायकों को कुफरी के ‘द ट्वीन टावर्स’ नाम के रिसॉर्ट में रखा गया है और बाहर हिमाचल प्रदेश पुलिस तैनात है। यहां करीब 33 कमरे बुक कराए गए हैं। इन विधायकों की मेजबानी हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu कर रहे हैं। कांग्रेस का उद्देश्य अपने विधायकों को एकजुट रखना और किसी भी तरह की क्रॉस वोटिंग की संभावना को कम करना है।

दरअसल, हरियाणा विधानसभा में कुल 90 विधायक हैं। इनमें भारतीय जनता पार्टी के पास 48 विधायक हैं और उसे अन्य सहयोगियों का भी समर्थन मिला हुआ है। ऐसे में भाजपा अपने उम्मीदवार Sanjay Bhatia को जिताने की स्थिति में मानी जा रही है। दूसरी ओर कांग्रेस ने भी अपने उम्मीदवार Karmveer Bauddh को मैदान में उतारा है और उसे भी अपने विधायकों के समर्थन पर भरोसा है।

हालांकि चुनावी समीकरण तब थोड़ा बदल गया जब भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार Satish Nandal ने भी नामांकन दाखिल कर दिया। माना जा रहा है कि उनकी उम्मीदवारी के चलते चुनाव में क्रॉस वोटिंग का खतरा बढ़ गया है, इसलिए कांग्रेस ने एहतियात के तौर पर अपने विधायकों को रिसॉर्ट में ठहराया है।

बताया जा रहा है कि रिसॉर्ट में ठहरे विधायकों को मतदान के दिन ही वापस चंडीगढ़ लाया जाएगा। कांग्रेस का मानना है कि इस तरह वह अपने विधायकों को एकजुट रखकर चुनाव में किसी भी तरह की राजनीतिक उलटफेर से बच सकती है।