सरकार की ओर से संकेत दिए गए हैं कि इस बार का बजट समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा है कि यह बजट जनता की जरूरतों और अपेक्षाओं के अनुरूप होगा। माना जा रहा है कि इसमें युवाओं, किसानों, महिलाओं और गरीब वर्ग के लिए कई नई योजनाओं और घोषणाओं का खाका पेश किया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार यह अब तक का सबसे बड़ा बजट हो सकता है, जिसमें विकास परियोजनाओं के लिए भारी धनराशि का प्रावधान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी बजट को लेकर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि यह बजट गरीब के सम्मान, युवा के स्वाभिमान, मातृ शक्ति और किसान की समृद्धि को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। सीएम योगी ने इसे प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखने वाला बजट बताया। उनका कहना है कि यह बजट प्रदेश के करीब 25 करोड़ लोगों की उम्मीदों और आकांक्षाओं का प्रतिबिंब होगा।
हालांकि बजट पेश होने से पहले विधानसभा का माहौल पूरी तरह शांत नहीं रहा। समाजवादी पार्टी के विधायकों ने विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि सरकार सिर्फ बड़े-बड़े वादे करती है और जनता की असली समस्याओं पर ध्यान नहीं देती। विपक्ष का कहना है कि यह बजट जमीनी हकीकत से दूर होगा और सिर्फ चुनाव को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, इस बजट में बुनियादी ढांचे, रोजगार, स्वास्थ्य और शिक्षा पर विशेष जोर दिया जा सकता है। साथ ही ग्रामीण विकास और किसानों के लिए नई योजनाओं की घोषणा भी संभव है। चुनावी साल होने के कारण सरकार यह संदेश देना चाहती है कि उसने अपने कार्यकाल में विकास को प्राथमिकता दी है और आगे भी इसी दिशा में काम करेगी।
अब सभी की नजरें बजट भाषण पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार जनता को कौन-कौन से नए तोहफे देती है और विपक्ष इस पर क्या प्रतिक्रिया देता है। यूपी बजट 2026-27 प्रदेश की राजनीति और भविष्य की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।




