नई दिल्ली: मालदा जिले में SIR प्रक्रिया के दौरान न्यायिक अधिकारियों को भीड़ द्वारा घेरने का मामला अब तूल पकड़ चुका है। इस घटना के बाद जिला मजिस्ट्रेट ने एडीएम को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले को गंभीर मानते हुए सख्त टिप्पणी की और इसे चुनाव प्रक्रिया में बाधा डालने की कोशिश बताया।
राज्य के अलग-अलग हिस्सों से हिंसा की खबरें भी सामने आई हैं। कूच बिहार में तृणमूल कांग्रेस नेता के घर के पास बम विस्फोट हुआ, जिससे इलाके में डर का माहौल बन गया। वहीं हावड़ा के लिलुआ में दो गुटों के बीच हिंसक झड़प में कई लोग घायल हो गए। इन घटनाओं ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
राजनीतिक मोर्चे पर भी आरोप-प्रत्यारोप तेज हैं। Mamata Banerjee ने बीजेपी और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मतदाता सूची में गड़बड़ी की जा रही है और लोगों को डराने की कोशिश हो रही है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे वोट के जरिए इसका जवाब दें।
वहीं विपक्ष की ओर से भी तीखे बयान सामने आए हैं। बीजेपी नेता Suvendu Adhikari ने दावा किया कि इस बार पूरे राज्य में बदलाव की लहर है और उनकी पार्टी बड़ी जीत दर्ज करेगी। दूसरी ओर Asaduddin Owaisi ने राज्य में मुसलमानों की स्थिति को लेकर सरकार पर सवाल उठाए और प्रतिनिधित्व की कमी का मुद्दा उठाया।
चुनाव से जुड़ी अन्य घटनाओं में बेहाला पश्चिम सीट से TMC उम्मीदवार के खिलाफ तोड़फोड़ का मामला दर्ज हुआ है, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार को राहत मिलते हुए उनका नाम मतदाता सूची में बहाल कर दिया गया है। इसके अलावा चुनाव आयोग ने दावा किया है कि SIR के तहत लाखों लंबित मामलों का निपटारा किया जा चुका है।
बंगाल में चुनाव से पहले का माहौल काफी गर्म है। हिंसा, प्रशासनिक कार्रवाई और सियासी बयानबाजी के बीच अब नजरें आने वाले मतदान और उसके नतीजों पर टिकी हैं।




