जानकारी के मुताबिक, सोमवार रात के बाद से परिवार के किसी सदस्य को बाहर नहीं देखा गया था। मंगलवार सुबह जब काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला तो आसपास के लोगों ने आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद पुलिस को बुलाया गया। पुलिस ने दरवाजा खुलवाया तो घर के अंदर सभी पांचों लोगों के शव मिले।
मौके पर घर के अंदर रखा सामान भी जांच के दायरे में लिया गया। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि परिवार ने किसी जहरीले पदार्थ का सेवन किया होगा, हालांकि इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है ताकि मौत के सही कारणों का पता चल सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला आत्महत्या का हो सकता है, लेकिन हर पहलू से जांच की जा रही है। परिवार किन हालात में इस कदम तक पहुंचा, इसका अभी खुलासा नहीं हो पाया है। न तो कोई सुसाइड नोट मिला है और न ही अब तक किसी तरह का पारिवारिक विवाद सामने आया है।
घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है। पड़ोसी और रिश्तेदार इस खबर से सदमे में हैं। लोगों का कहना है कि परिवार सामान्य तरीके से रह रहा था और किसी को अंदाजा भी नहीं था कि ऐसा कुछ हो सकता है। बच्चों की मौत से पूरे गांव का माहौल और भी ज्यादा गमगीन हो गया है।
फिलहाल पुलिस परिवार की आर्थिक स्थिति, रिश्तों और हाल के दिनों की गतिविधियों की जांच कर रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि घटना की वजह सामने आ सके। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और जो भी सच है, वह जल्द सामने आएगा।
यह घटना एक बार फिर समाज के सामने मानसिक दबाव और पारिवारिक समस्याओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। पुलिस लोगों से अपील कर रही है कि किसी भी तरह की परेशानी में अकेले न रहें और समय पर मदद लें।




