नई दिल्ली: Manipur में मंगलवार तड़के हुए एक संदिग्ध रॉकेट हमले ने हालात को बेहद तनावपूर्ण बना दिया। यह हमला बिष्णुपुर जिले के मोइरांग इलाके में हुआ, जहां एक प्रोजेक्टाइल सीधे एक घर में जा गिरा। बताया जा रहा है कि यह घर सीमा सुरक्षा बल (BSF) के एक जवान का था और उस वक्त पूरा परिवार सो रहा था।
धमाका इतना जोरदार था कि आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई। इस हमले में एक पांच महीने की बच्ची और पांच साल के बच्चे की मौत हो गई, जबकि उनकी मां गंभीर रूप से घायल हैं। इस दर्दनाक घटना के बाद इलाके में गुस्सा फूट पड़ा और लोग सड़कों पर उतर आए।
घटना के बाद कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। मोइरांग में प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों के कैंप की ओर बढ़ने की कोशिश की, जबकि कुछ जगहों पर आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं। हालात को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत सख्ती बढ़ा दी।
स्थिति को काबू में रखने के लिए सरकार ने Imphal पश्चिम, इम्फाल पूर्व, थौबल, काकचिंग और बिष्णुपुर समेत पांच जिलों में इंटरनेट और मोबाइल डेटा सेवाएं तीन दिनों के लिए बंद कर दी हैं। इसके साथ ही संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
राज्य के गृह मंत्री K. Govindas ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे बेहद अमानवीय बताया है। उन्होंने कहा कि दोषियों को जल्द से जल्द पकड़कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पूरे इलाके में तनाव बना हुआ है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि मणिपुर में शांति बहाल करना अभी भी बड़ी चुनौती बना हुआ है।



