बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत में अपने मैच खेलने से इनकार कर दिया था। उसने आईसीसी से मांग की थी कि उसके मुकाबले किसी दूसरे देश में कराए जाएं। आईसीसी ने यह मांग नहीं मानी और इसके बाद बांग्लादेश टूर्नामेंट से अलग हो गया। इस फैसले पर पाकिस्तान ने खुलकर बांग्लादेश का समर्थन किया और भारत के खिलाफ अपना मैच भी न खेलने का ऐलान कर दिया।
लेकिन सोमवार को हालात तेजी से बदले। आईसीसी ने साफ कर दिया कि बांग्लादेश पर कोई जुर्माना नहीं लगाया जाएगा और उसे आने वाले वर्षों में एक और आईसीसी टूर्नामेंट की मेजबानी का मौका मिलेगा। इस फैसले से बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड संतुष्ट हो गया और उसने पाकिस्तान से अनुरोध किया कि वह “क्रिकेट के हित में” भारत के खिलाफ मैच खेले।
इसके बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड, आईसीसी और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के बीच बैठक हुई। बांग्लादेश ने पाकिस्तान का समर्थन करने के लिए धन्यवाद कहा और खुद ही भारत के खिलाफ मैच खेलने की अपील कर दी। वहीं पाकिस्तान सरकार ने भी हस्तक्षेप करते हुए टीम को खेलने की मंजूरी दे दी।
इस पूरे घटनाक्रम से साफ हो गया कि पाकिस्तान का बहिष्कार फैसला पूरी तरह बांग्लादेश से जुड़ा हुआ था। जब बांग्लादेश को आईसीसी से राहत मिल गई और उसे भविष्य में फायदे का भरोसा मिला, तो उसने पाकिस्तान से अपना रुख बदलने को कहा। नतीजा यह हुआ कि पाकिस्तान ने भी अपना यू-टर्न ले लिया।
अब सारी खींचतान खत्म हो चुकी है और 15 फरवरी को कोलंबो में भारत और पाकिस्तान आमने-सामने होंगे। यह मुकाबला सिर्फ क्रिकेट का नहीं, बल्कि राजनीति और कूटनीति से जुड़े फैसलों का भी नतीजा माना जा रहा है। क्रिकेट फैंस के लिए राहत की बात यह है कि लंबे विवाद के बाद अब मैदान पर खेल देखने को मिलेगा।




