पीएम मोदी ने कहा कि ब्राजील लैटिन अमेरिका में भारत का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है और दोनों देश अगले पांच साल में आपसी व्यापार को 20 अरब डॉलर से आगे ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने इसे सिर्फ व्यापार नहीं, बल्कि आपसी भरोसे की मिसाल बताया। राष्ट्रपति लूला के साथ आए बड़े बिजनेस डेलीगेशन को इस भरोसे का प्रमाण माना गया।
इस बैठक में सबसे अहम समझौता रेयर अर्थ मिनरल्स को लेकर हुआ। ये खनिज सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक वाहन, मोबाइल फोन और रक्षा उपकरण बनाने में बेहद जरूरी होते हैं। दोनों देशों ने तय किया कि वे इन खनिजों की खोज, प्रोसेसिंग और सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करेंगे। इससे भारत को टेक्नोलॉजी सेक्टर में आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।
रक्षा क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है। भारत और ब्राजील मिलकर रक्षा उपकरणों के निर्माण, रिसर्च और ट्रेनिंग में साझेदारी करेंगे। इससे दोनों देशों की सुरक्षा क्षमता मजबूत होगी और रक्षा उद्योग को नई दिशा मिलेगी।
पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति लूला की भारत यात्रा ने एआई इम्पैक्ट समिट को नई ऊर्जा दी है और रणनीतिक साझेदारी को मजबूती मिली है। उन्होंने यह भी कहा कि टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में सहयोग सिर्फ भारत और ब्राजील के लिए नहीं, बल्कि पूरे ग्लोबल साउथ के लिए फायदेमंद होगा।
इसके अलावा इंडिया-मर्कोसुर ट्रेड एग्रीमेंट के विस्तार पर भी चर्चा हुई, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार के नए रास्ते खुलेंगे। कृषि, ऊर्जा, डिजिटल टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप सेक्टर में भी साथ काम करने की योजना बनाई गई है।
यह बैठक भारत और ब्राजील के रिश्तों को नई ऊंचाई पर ले जाने वाली साबित हुई। रेयर अर्थ मिनरल, रक्षा और तकनीक के क्षेत्र में हुए समझौते आने वाले समय में दोनों देशों के लिए विकास और सुरक्षा का मजबूत आधार बनेंगे।




