बैठक के बाद दोनों नेताओं ने साझा प्रेस बयान में कहा कि भारत और कनाडा के रिश्ते अब नए सिरे से आगे बढ़ेंगे। मार्क कार्नी ने बताया कि दोनों देश इस साल के अंत तक आर्थिक साझेदारी समझौते (Economic Partnership Agreement) को अंतिम रूप देने पर सहमत हुए हैं। इससे व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
पिछले कुछ वर्षों से भारत-कनाडा संबंधों में तनाव रहा है। 2023 में कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारत पर सिख अलगाववादी नेता की हत्या से जुड़े आरोप लगाए थे, जिसके बाद रिश्तों में खटास आ गई थी। अब नई सरकार के साथ कनाडा ने भारत से फिर से संवाद और सहयोग बढ़ाने की पहल की है।
इस मुलाकात में दोनों देशों ने सिर्फ यूरेनियम ही नहीं, बल्कि कई और अहम क्षेत्रों में साथ काम करने पर सहमति जताई। इनमें क्रिटिकल मिनरल्स, स्वच्छ ऊर्जा (क्लीन एनर्जी), अंतरिक्ष क्षेत्र, नवाचार और उच्च शिक्षा शामिल हैं। पीएम मोदी ने कहा कि “कनाडा-भारत इनोवेशन पार्टनरशिप” के जरिए दोनों देश मिलकर वैश्विक समस्याओं के समाधान पर काम करेंगे।
यूरेनियम सप्लाई डील को खास तौर पर भारत के ऊर्जा क्षेत्र के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। इससे भारत को परमाणु ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी और स्वच्छ ऊर्जा के लक्ष्य को हासिल करने में मजबूती मिलेगी। वहीं कनाडा को भी भारत जैसे बड़े बाजार से आर्थिक फायदा होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौते दोनों देशों के बीच भरोसा बहाल करने की दिशा में बड़ा कदम हैं। साथ ही अमेरिका के साथ व्यापारिक दबाव के बीच कनाडा भारत को एक मजबूत साझेदार के रूप में देख रहा है।




