भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और बीजेपी राष्ट्रीय परिषद के सदस्य संजय टंडन ने बुधवार को आम आदमी पार्टी (आप) पर तीखा हमला बोलते हुए उस पर चंडीगढ़ में होने वाले मेयर चुनाव से पहले पार्षदों को डराने-धमकाने और बदले की राजनीति करने का आरोप लगाया।
टंडन ने आप के “नैतिक पतन” की निंदा करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने अपने ही पार्षद के परिवार को निशाना बनाया है, जिसने हाल ही में आप से नाता तोड़कर बीजेपी ज्वाइन कर ली है। उन्होंने कहा कि ऐसे कदम यह दिखाते हैं कि आप लोकतांत्रिक प्रतिस्पर्धा करने की बजाय जबरदस्ती की राजनीति की ओर एक खतरनाक कदम उठा रही है ।
चंडीगढ़ नगर निगम के वार्ड नंबर 4 से चुनी गई पार्षद सुमन अमित शर्मा के बीजेपी में शामिल होने के फैसले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देश भर में बढ़ती लोकप्रियता का संकेत बताते हुए टंडन ने कहा कि “आप हमारे प्रधानमंत्री की देश भर के लोगों के बीच अपील का मुकाबला नहीं कर सकती।”
टंडन ने आरोप लगाया कि मुद्दों पर आधारित राजनीति करने के बजाय, आप ने पूर्व पार्टी सदस्यों के रिश्तेदारों के खिलाफ “बेबुनियाद और राजनीतिक मकसद से प्रेरित” मामले दर्ज करके जांच एजेंसियों का इस्तेमाल हथियार के तौर पर किया है। उन्होंने कहा, “यह शासन या लोकतंत्र नहीं है; यह अपने ही लोगों में डर पैदा करने के मकसद से डराना-धमकाना है।”
यह बताना ज़रूरी है कि चंडीगढ़ में मेयर का अहम चुनाव 29 जनवरी, 2026 को होना है।
टंडन के अनुसार, मोहाली के सोहाना पुलिस स्टेशन में दर्ज कथित सैलरी धोखाधड़ी से जुड़े एक मामले में शर्मा की भाभी कोमल शर्मा को पंजाब पुलिस द्वारा गिरफ्तार करने के पीछे का मकसद पार्टी कार्यकर्ताओं को चेतावनी देना है।
उन्होंने कहा कि “दरअसल, आप यह संकेत देना चाहती है कि जो भी पार्टी छोड़ेगा, खासकर जो इसके नेतृत्व और विजन से प्रेरित होकर बीजेपी में शामिल होगा, उसे उसके परिवार को परेशान करके सजा दी जाएगी।”
बीजेपी नेता ने आगे दावा किया कि ऐसी रणनीति मेयर चुनाव नज़दीक आने पर आप की बढ़ती घबराहट को दिखाती है। टंडन ने कहा, “पार्टी को हार का डर सता रहा है और अपनी निराशा में उसने सभी लोकतांत्रिक मूल्यों को छोड़ दिया है। व्यक्तिगत राजनीतिक पसंद का सम्मान करने के बजाय, वह पार्टी कार्यकर्ताओं को अपनी मर्ज़ी से बीजेपी में शामिल होने से रोकने के लिए दबाव और धमकियों का सहारा ले रही है।”
पूर्व आप पार्षद के एक रिश्तेदार के खिलाफ दर्ज किए गए खास मामले का ज़िक्र करते हुए टंडन ने इस कार्रवाई के ‘चुनिंदा तरीके’ पर सवाल उठाया। उन्होंने बताया कि जबकि पूर्व आप पार्षद के परिवार के एक सदस्य का नाम लिया गया है, सीवरेज बोर्ड के चेयरमैन और शामिल ठेकेदार जैसे मुख्य लोगों को जानबूझकर बाहर रखा गया है। उन्होंने कहा कि ” एक षड़यंत्र के तहत पूर्व आप पार्षद को चुनकर निशाना बनाना साफ तौर पर इस मामले के पीछे राजनीतिक मकसद को दिखाता है।”
इस घटना को राजनीतिक नैतिकता पर एक धब्बा बताते हुए, टंडन ने जोर देकर कहा कि इस मामले में कोई दम नहीं है और इसे पूरी तरह से बदले की भावना से इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि “अधिकारों का ऐसा दुरुपयोग सिर्फ जनता के भरोसे को कमजोर करता है और आप के साफ राजनीति के दावों की पोल खोलता है।”
इस मामले में भाजपा के रुख को दोहराते हुए, टंडन ने कहा कि पार्टी की चंडीगढ़ इकाई पार्षद और उनके परिवार के साथ हर समय मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि “हम हर स्तर पर इन तानाशाही और अनैतिक तरीकों का विरोध करेंगे। डर की राजनीति लोगों को भाजपा के साथ जुड़ने या उसके विकास को तेज करने वाले कामों और लोगों को प्राथमिकता देने वाले एजेंडे का समर्थन करने से नहीं रोक पाएगी। आप नेता जितना मर्जी दमन की कार्रवाई कर लें, उनके इरादे कभी सफल नहीं होंगे।”



