बिहार के नालंदा जिले में स्थित शीतला माता मंदिर में मंगलवार सुबह मची भगदड़ में कम से कम आठ महिलाओं की मौत हो गई, पुलिस अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है। यह हादसा मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण हुआ, जिससे अफरातफरी और अव्यवस्था फैल गई।
बिहार शरीफ के सहायक पुलिस अधीक्षक नूरुल हक ने बताया कि सभी मृतक महिलाएं हैं और कई अन्य लोगों के घायल होने की आशंका है। उन्होंने कहा, “मंगलवार सुबह शीतला माता मंदिर में भगदड़ में कम से कम आठ महिलाओं की मौत हो गई। पुलिस बल और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और राहत एवं बचाव कार्य जारी है।”
अधिकारियों के अनुसार, भगदड़ के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। हालांकि प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, सुबह के समय मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की असामान्य रूप से अधिक भीड़ जमा हो गई थी, जिससे जगह और भीड़ नियंत्रण व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया।
घटना की सूचना मिलते ही आपातकालीन सेवाओं को तुरंत मौके पर भेजा गया। स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी बचाव और राहत कार्यों में जुटे हुए हैं, घायलों को नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया जा रहा है। मृतकों की पहचान करने और उनके परिजनों को सूचित करने की प्रक्रिया भी जारी है।
इस बीच, राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 6 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये तथा घायलों को 50,000 रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंदिर परिसर में अचानक भीड़ बढ़ने से भगदड़ मच गई और लोग सुरक्षित निकलने के लिए संघर्ष करते नजर आए।
जिला प्रशासन इस घटना की जांच करने की तैयारी में है, ताकि घटनाक्रम की पूरी जानकारी मिल सके और भीड़ नियंत्रण में किसी प्रकार की लापरवाही की पहचान की जा सके। भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा और व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की जाएगी।
जांच जारी है और अधिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।




