नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत सरकार ने अपनी सुरक्षा तैयारियों को लेकर बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को नई दिल्ली में रक्षा मंत्री Rajnath Singh की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें देश की तीनों सेनाओं के प्रमुख और वरिष्ठ रक्षा अधिकारी मौजूद रहे।
इस बैठक में Anil Chauhan समेत कई अहम अधिकारी शामिल हुए। साथ ही रक्षा अनुसंधान से जुड़े विशेषज्ञों ने भी स्थिति का जायजा लिया। बैठक का मकसद मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए भारत की सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा करना था।
बताया जा रहा है कि इस दौरान पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष और उसके संभावित असर पर विस्तार से चर्चा की गई। खास तौर पर इस बात पर फोकस रहा कि अगर हालात और बिगड़ते हैं, तो भारत किस तरह अपनी सुरक्षा और रणनीति को मजबूत रखेगा।
रक्षा मंत्री ने पहले भी साफ किया है कि भारत का रुख इस मुद्दे पर संतुलित है। उनका कहना है कि किसी भी युद्ध का हल युद्ध नहीं, बल्कि बातचीत और कूटनीति से ही निकल सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा समय में दुनिया कई तरह के संकटों से गुजर रही है, ऐसे में शांति बनाए रखना बेहद जरूरी है।

प्रधानमंत्री Narendra Modi भी इस मुद्दे पर पहले ही अपनी राय रख चुके हैं और उन्होंने भी बातचीत के जरिए समाधान निकालने पर जोर दिया है।
फिलहाल भारत स्थिति पर नजर बनाए हुए है और हर संभावित परिस्थिति के लिए तैयार रहने की कोशिश कर रहा है। यह बैठक इसी दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है, जिससे साफ है कि सरकार कोई भी जोखिम लेने के मूड में नहीं है।




