न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की मांग तेज, 9 मार्च को जंतर-मंतर पर पेंशनधारकों का बड़ा प्रदर्शन

समिति का दावा है कि देश के अलग-अलग राज्यों से बड़ी संख्या में पेंशनधारक दिल्ली पहुंचेंगे। उनका कहना है कि यह आंदोलन बुजुर्ग पेंशनधारकों के अधिकार और सम्मानजनक जीवन की मांग को लेकर किया जा रहा है।

लाखों पेंशनधारक पेंशन बढ़ाने की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर होंगे एकजुट
लाखों पेंशनधारक पेंशन बढ़ाने की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर होंगे एकजुट

नई दिल्ली: देशभर के लाखों पेंशनधारक अब अपनी पेंशन बढ़ाने की मांग को लेकर एकजुट हो रहे हैं। कर्मचारी पेंशन योजना EPS-95 से जुड़े पेंशनधारक 9 से 11 मार्च तक दिल्ली के जंतर-मंतर पर तीन दिवसीय प्रदर्शन करने जा रहे हैं। इस आंदोलन का नेतृत्व EPS-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति (NAC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमांडर अशोक राउत करेंगे।

समिति का कहना है कि देश के करीब 81 लाख पेंशनधारक EPFO की EPS-95 योजना पर निर्भर हैं। इनमें सरकारी उपक्रमों, सहकारी संस्थाओं, निजी कंपनियों, मिलों और मीडिया संस्थानों से सेवानिवृत्त कर्मचारी शामिल हैं। इन लोगों ने अपने कार्यकाल के दौरान करीब 30 से 35 साल तक पेंशन फंड में योगदान दिया, लेकिन आज उन्हें औसतन सिर्फ करीब 1,171 रुपये मासिक पेंशन मिल रही है।

पेंशनधारकों का कहना है कि मौजूदा महंगाई के दौर में इतनी कम राशि से रोजमर्रा की जरूरतें भी पूरी करना मुश्किल हो गया है। इसी वजह से वे लंबे समय से पेंशन में सुधार और न्यूनतम राशि बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

राष्ट्रीय संघर्ष समिति का कहना है कि पिछले करीब नौ वर्षों से वे इस मुद्दे को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों और कई सांसदों को ज्ञापन भी दिए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है।

कमांडर अशोक राउत के मुताबिक, यह प्रदर्शन संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के दौरान किया जा रहा है, ताकि सरकार और सांसदों का ध्यान पेंशनधारकों की समस्याओं की ओर आकर्षित किया जा सके। उनका कहना है कि जिन लोगों ने जीवन भर काम करके देश की अर्थव्यवस्था में योगदान दिया, उन्हें सम्मानजनक पेंशन मिलनी चाहिए।

पेंशनधारकों की मुख्य मांगों में न्यूनतम पेंशन 7,500 रुपये प्रति माह करने और इसके साथ महंगाई भत्ता देने की मांग शामिल है। इसके अलावा वे पेंशनधारकों और उनके जीवनसाथियों के लिए मुफ्त चिकित्सा सुविधा भी चाहते हैं।

समिति ने यह भी मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट के 4 नवंबर 2022 के फैसले के अनुसार सभी पात्र लोगों को उच्च पेंशन का लाभ दिया जाए। वहीं जो लोग EPS-95 योजना से किसी कारण वंचित रह गए हैं, उन्हें कम से कम 5,000 रुपये मासिक पेंशन दी जाए।