बैठक के बाद पीयूष गोयल ने कहा कि बातचीत काफी सकारात्मक रही और आने वाले समय में भारत-अमेरिका साझेदारी को नई ऊंचाई पर ले जाने के कई अवसर सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और उभरते सेक्टरों में मिलकर काम करने पर खास जोर दिया गया है।
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी इस मुलाकात को उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग के नए रास्ते खुल रहे हैं। इससे पहले उन्होंने नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास में टेक्नोलॉजी सेक्टर से जुड़े प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की और भारत-अमेरिका के मजबूत रिश्तों को भविष्य के लिए अहम बताया।
चीफ ऑफ मिशन के आवास पर आयोजित एक विशेष डिनर कार्यक्रम में कई अंतरराष्ट्रीय नेता और उद्योग जगत के बड़े नाम शामिल हुए। इस दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, लॉजिस्टिक्स, ग्रीन एनर्जी और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग जैसे विषयों पर बातचीत हुई।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने राज्य की औद्योगिक नीतियों और निवेश के अनुकूल माहौल की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उनका राज्य तकनीक और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में बड़े निवेश के लिए तैयार है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बैठक भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते रणनीतिक और आर्थिक सहयोग को दिखाती है। दोनों देश न सिर्फ व्यापार बढ़ाना चाहते हैं, बल्कि भविष्य की तकनीकों में भी साझेदारी मजबूत करना चाहते हैं।
दिल्ली में हुई यह बैठक संकेत देती है कि आने वाले समय में भारत और अमेरिका के रिश्ते केवल राजनीति तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि व्यापार, तकनीक और निवेश के नए अध्याय भी जुड़ेंगे। यह सहयोग दोनों देशों की अर्थव्यवस्था और युवाओं के लिए नए अवसर लेकर आ सकता है।




