नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक बांग्लादेशी महिला के संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने की आशंका ने पुलिस और खुफिया एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली क्षेत्र के दौताई गांव में रहने वाली महमूदा खातून उर्फ रानी को लेकर जांच तेज हो गई है। पुलिस जब उसके परिजनों से पूछताछ के लिए गांव पहुंची, तो उसके घर से कई अहम दस्तावेज बरामद हुए।
पुलिस को महिला के पर्स से बांग्लादेश का पासपोर्ट, वीजा और कुछ ऐसे कागजात मिले हैं, जो उसकी पहचान पर सवाल खड़े करते हैं। इसके अलावा कई ट्रैवल एजेंसियों के विजिटिंग कार्ड, कुछ बांग्लादेशी भाषा में लिखे कागज और अलग-अलग पहचान पत्र भी मिले हैं। बताया जा रहा है कि महमूदा खातून ने साल 2021 में दिल्ली में दौताई गांव के रहने वाले मशरूफ से निकाह किया था और इसके बाद हापुड़ में रह रही थी।
जांच में सामने आया है कि महिला ने भारत में रहने के लिए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज बनवाए थे। पुलिस को उसके घर से भारतीय पहचान पत्र, बैंक की चेकबुक, चार सिम कार्ड के खाली रैपर और कुछ संदिग्ध लेटर भी मिले हैं। साथ ही बांग्लादेशी करेंसी भी बरामद होने की खबर है।
मामले के खुलासे के बाद महमूदा और उसका पति मशरूफ दोनों फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि महिला भारत में रहकर किसी संवेदनशील जानकारी को बाहर भेजने में शामिल हो सकती है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
इस पूरे मामले में गांव के कुछ स्थानीय लोगों और प्रधान की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि महिला इतने समय तक गांव में कैसे रह रही थी और उसे किसने पहचान पत्र बनवाने में मदद की।




