नई दिल्ली: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह कदम सिर्फ एक औपचारिक मुलाकात नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे एक बड़े सांस्कृतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। पीएम मोदी चेन्नई में संगीतकार और शोधकर्ता रमेश विनायकम के घर पहुंचे, जहां उन्होंने उनके काम को करीब से समझा और सराहा।
इस मुलाकात के दौरान रमेश विनायकम ने प्रधानमंत्री को अपने खास ‘गमक बॉक्स नोटेशन सिस्टम’ के बारे में बताया। यह एक ऐसी तकनीक है, जिससे भारतीय शास्त्रीय संगीत के जटिल सुरों और गमक को लिखित रूप में समझाया जा सकता है। पीएम मोदी ने इस इनोवेशन को भारतीय संगीत को वैश्विक पहचान दिलाने वाला कदम बताया।
मुलाकात का माहौल पूरी तरह संगीत में डूबा हुआ नजर आया। बताया जा रहा है कि इस दौरान ‘वंदे मातरम’ और ‘सारे गामा’ जैसे सुरों को गमक सिस्टम के जरिए प्रस्तुत किया गया, जिसे देखकर प्रधानमंत्री भी प्रभावित हुए। इस दौरान विनायकम के परिवार ने पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुलाकात सिर्फ संगीत तक सीमित नहीं है। तमिलनाडु की राजनीति में हमेशा से कला, भाषा और संस्कृति का गहरा प्रभाव रहा है। ऐसे में पीएम मोदी का यह कदम स्थानीय लोगों और खासकर कला प्रेमियों के बीच जुड़ाव बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
बीजेपी इस बार तमिलनाडु में सिर्फ विकास के मुद्दे पर ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पहचान और विरासत को भी चुनावी एजेंडा बना रही है। रमेश विनायकम जैसे कलाकार से मुलाकात इसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।




