घुसपैठियों पर अमित शाह का सख्त संदेश, बोले– वोटर लिस्ट ही नहीं देश से भी होंगे बाहर…

नई दिल्ली/असम। असम में चुनावी माहौल के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अवैध घुसपैठियों को लेकर बड़ा और कड़ा बयान दिया है। असम की धरती से उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि आने वाले पांच साल अवैध प्रवासियों के लिए निर्णायक होंगे। न उनका नाम वोटर लिस्ट में रहेगा और न ही उन्हें देश में रहने दिया जाएगा।

शनिवार को असम पुलिस की 10वीं बटालियन के नए परिसर के शिलान्यास कार्यक्रम में बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि अगर भारत नक्सलवाद से मुक्त हो सकता है, तो घुसपैठियों से भी मुक्त हो सकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार अगले पांच वर्षों में अवैध प्रवासियों को चिन्हित कर उन्हें देश की सीमाओं के बाहर भेजेगी।

गृह मंत्री ने बताया कि जिस जमीन पर असम पुलिस की नई बटालियन बनेगी, वह पहले घुसपैठियों के कब्जे में थी, जिसे अब खाली कराया गया है। उन्होंने कहा कि सिर्फ जमीन खाली कराना काफी नहीं है, बल्कि ऐसे लोगों को देश से बाहर भेजना भी जरूरी है ताकि भविष्य में दोबारा अतिक्रमण न हो सके।

अपने भाषण के दौरान अमित शाह ने कांग्रेस और विपक्ष पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस घुसपैठियों को बाहर नहीं निकाल सकती क्योंकि यही लोग उनका वोट बैंक हैं। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि भले ही वे बयान दें, लेकिन उनकी पार्टी इस मुद्दे पर कभी सख्ती नहीं दिखा सकती।

अमित शाह ने यह भी दावा किया कि अगले पांच सालों में असम को पूर्वोत्तर भारत का औद्योगिक केंद्र बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब राज्य घुसपैठियों और अतिक्रमण से मुक्त होगा, तभी विकास की रफ्तार तेज होगी और युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, यह बयान ऐसे समय में आया है जब असम विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। माना जा रहा है कि घुसपैठ का मुद्दा एक बार फिर चुनाव का बड़ा एजेंडा बनेगा। अमित शाह का यह संदेश साफ है कि सरकार अवैध प्रवासियों के खिलाफ किसी तरह की ढील नहीं बरतेगी और आने वाले वर्षों में इस पर निर्णायक कार्रवाई की जाएगी।