अब ड्राइवर नहीं, मालिक बनेंगे सारथी! लॉन्च हुई सरकार की ‘भारत टैक्सी’ सेवा

‘भारत टैक्सी’ में डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए बुकिंग, सुरक्षा और सेवा की निगरानी की जाएगी। दिल्ली में सात प्रमुख स्थानों पर सहायता केंद्र शुरू किए गए हैं, जहां ड्राइवरों को तकनीकी और प्रशासनिक मदद मिलेगी। महिला सशक्तिकरण के लिए ‘बाइक दीदी’ योजना के तहत बड़ी संख्या में महिलाएं भी इस सेवा से जुड़ चुकी हैं। लिखती हैं अंशिका गौर

देश में टैक्सी सेवाओं के क्षेत्र में एक नई पहल की शुरुआत हो गई है। गुरुवार को सरकार ने सहकारिता आधारित राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म ‘भारत टैक्सी’ को आधिकारिक रूप से लॉन्च किया। इस मौके पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने इसे टैक्सी चालकों के लिए आत्मनिर्भरता और सम्मान की दिशा में बड़ा कदम बताया।

कार्यक्रम से पहले अमित शाह ने सोशल मीडिया पर कहा कि यह योजना सहकारिता की ताकत को दिखाती है। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे संसाधनों को जोड़कर बड़ी व्यवस्था खड़ी की जा सकती है और ‘भारत टैक्सी’ इसका उदाहरण है। इस प्लेटफॉर्म से चालक न केवल बेहतर कमाई कर सकेंगे, बल्कि वे इसके मालिक भी होंगे, जिससे उन्हें सम्मान और सुरक्षा दोनों मिलेगी।

सहकारिता मॉडल पर आधारित प्लेटफॉर्म

सहकारिता मंत्रालय के अनुसार, ‘भारत टैक्सी’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सहकार से समृद्धि” विजन का हिस्सा है। यह प्लेटफॉर्म पूरी तरह ड्राइवर-केंद्रित होगा, जिसमें कोई भारी कमीशन नहीं लिया जाएगा। इसका उद्देश्य निजी और विदेशी एग्रीगेटर कंपनियों के विकल्प के रूप में एक स्वदेशी व्यवस्था तैयार करना है।

लॉन्च कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले छह सारथियों को सम्मानित किया गया। उन्हें शेयर प्रमाणपत्र दिए गए और साथ ही 5 लाख रुपये का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा तथा 5 लाख रुपये का पारिवारिक स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया गया। यह कदम ड्राइवरों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए उठाया गया है।

सरकारी जानकारी के अनुसार ‘भारत टैक्सी’ में डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए बुकिंग, सुरक्षा और सेवा की निगरानी की जाएगी। दिल्ली में सात प्रमुख स्थानों पर सहायता केंद्र शुरू किए गए हैं, जहां ड्राइवरों को तकनीकी और प्रशासनिक मदद मिलेगी। महिला सशक्तिकरण के लिए ‘बाइक दीदी’ योजना के तहत बड़ी संख्या में महिलाएं भी इस सेवा से जुड़ चुकी हैं।

अब तक करीब चार लाख ड्राइवर इस प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं और दस लाख से अधिक यूजर रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। लगभग 10 करोड़ रुपये की राशि सीधे ड्राइवरों को वितरित की जा चुकी है।

 स्वदेशी विकल्प की ओर बड़ा कदम

‘भारत टैक्सी’ को देश का पहला और सबसे बड़ा सहकारिता आधारित राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म बताया जा रहा है। सरकार का मानना है कि यह पहल टैक्सी सेवाओं में पारदर्शिता लाएगी और ड्राइवरों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगी।