सिकंदर कौन?

 

After-election-first-raillyआगे की राह

आगे क्या? दिल्ली विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद आम आदमी पार्टी (आप) को लेकर सभी के मन में यही सवाल है. पार्टी कहती है कि वह लोकसभा और देश के दूसरे राज्यों की विधानसभा के लिए चुनावी किस्मत आजमाने को तैयार है. वह तमाम मंचों से ईमानदार लोगों को एक मंच पर लाने यानी उन्हें खुद से जोड़ने की बात कह रही है. Read More>>

 

rahulसुनो प्रियंका बढ़ो आगे

प्रियंका गांधी आज कांग्रेस की जरूरत हैं. और मजबूरी भी. जरूरत वे कई सालों से थीं, खासकर उन सालों में जब राहुल गांधी हर फ्रंट पर असफलता की तहरीर लिख रहे थे. लेकिन राहुल के प्रति उनकी मां की आसक्ति, कांग्रेसियों की अंधभक्ति और पार्टी द्वारा एक कमजोर नेता को क्षितिज पर टांगने की लगातार आत्ममुग्ध कोशिशों के बीच अब कहीं कोई जंग लगी कील भी नहीं बची जिसपर टंगकर राजकुंवर गांधी चकमक-चकमक चमक सकें. Read More>>

43आप की छाप

अन्ना हजारे की अगुवाई वाले जनलोकपाल आंदोलन को बगैर किसी तार्किक नतीजे पर पहुंचाए जब अरविंद केजरीवाल ने सीधे तौर पर राजनीतिक दल बनाकर व्यवस्था में शामिल होकर बदलाव की लड़ाई लड़ने की घोषणा की तो बहुत लोगों ने उनकी आलोचना की. कहा गया कि ऐसे प्रयोग पहले भी हुए हैं और चुनावी राजनीति में केजरीवाल टिक नहीं पाएंगे.  Read More>>

 

21बड़े बदलाव

दिल्ली विधानसभा चुनाव का परिणाम आने के बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का कहना था, ‘ आज राजनीतिक दल सड़क पर चलते आम आदमी की आवाज को जगह नहीं दे रहे हैं. आम आदमी पार्टी ने ऐसे लोगों को सुना, उन्हें स्थान दिया. हम ऐसा नहीं कर पाए. हमें आम आदमी पार्टी से सीखने की जरूरत है.’  Read More>>

 

IMG_7954हिंदी पट्टी से पत्ता साफ

आंकड़े अक्सर बेहद बोझिल और उबाऊ होते हैं. लेकिन कभी-कभी उनसे कुछ दिलचस्प तस्वीरें भी उभर जाती हैं. एक आंकड़ा यह है कि हालिया चार विधानसभा के चुनावों में कुल 589 विधानसभा सीटें दांव पर लगी हुई थी. कांग्रेस को इनमें से महज 126 सीटें हाथ लगी हैं. प्रतिशत में यह 22 के आस पास बैठता है. Read More>>

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here