रक्षात्मक हुए सीएम गहलोत आज दिल्ली में मिल सकते हैं अध्यक्ष सोनिया गांधी से

कांग्रेस अध्यक्ष पहले ही जयपुर में पर्यवेक्षक बनाकर भेजे गए नेताओं अजय माकन और मल्लिकार्जुन खड़गे से लिखित रिपोर्ट मांग चुकी हैं, जो उन्होंने दे भी दी है। दिलचस्प यह है कि अशोक गहलोत के वफादार माने जाने वाले मंत्री प्रताप कचरियावास, जिन्होंने जयपुर घटनक्रम में लगातार मीडिया से बात की थी, उन्हें नोटिस नहीं दिया गया है। एक समय वे सचिन पायलट के समर्थक रहे हैं।

यह भी खबर है कि राजस्थान के कई विधायक जिन्हें गहलोत के साथ माना जा रहा था अब यह कह रहे हैं कि बैठक को लेकर उन्हें अँधेरे में रखा गया और दस्तखत भी धोखे से करवाए गए। जाहिर है वे पाला बदल चुके हैं और गहलोत से यदि आलाकमान सख्ती करती है तो वे अकेले भी पड़ सकते हैं।