माॅक ड्रिल में 22 की मौत के बाद जागी योगी सरकार, अस्पताल सील

ताजनगरी आगरा में अप्रैल के आखिर में पांच मिनट की माॅक ड्रिल के दौरान ऑक्सीजन 22 लोगों की जान जाने के मामले ने तूल पकड़ा तो योगी सरकार को एक्शन लेने के लिए मजबूर होना पड़ा। फिलहाल आगरा के पारस अस्पताल को प्रशासन ने सील कर दिया है। साथ ही इसके संचालक के खिलाफ केस भी दर्ज कर लिया है। सोशल मीडिया में वीडियो वायरल होने के बाद और राहुल व प्रियंका गांधी के मुद्दे को उठाने के बाद यूपी सरकार की आंखें खुलीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बैठक कर इस घटना पर संज्ञान लेते हुए पूरे मामले की जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए।आगरा में जब कोरोना पीक पर था और चारो तरफ ऑक्सीजन की किल्लत थी तो अस्पताल के मालिक डॉक्टर अरिंजय जैन ने 26 अप्रैल को 5 मिनट के लिए मॉक ड्रिल की थी। इस दौरान 22 मरीजों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा था। उस वक्त अस्पताल में 96 मरीज भर्ती थे। बताया गया कि यह मॉक ड्रिल उन मरीजों पर एक प्रयोग था, जिनकी हालत बेहद नाजुक थी।

वायरल वीडियो में चश्मदीद बता रहे है कि जो डॉक्टर ऑक्सीजन खत्म होने की बात कह रहे हैं वो भ्रामक है। उनके ऊपर महामारी एक्ट का मुकदमा दर्ज कर अस्पताल को सीज किया जा रहा है। अस्पताल में भर्ती मरीजों को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा। डीएम के दावों पर एक प्रत्यक्षदर्शी मुकेश ने बताया कि वो अपने एक मित्र के परिजनों के भर्ती होने के कारण पारस अस्पताल आए थे। उस दिन उन्होंने वो मंजर देखा था, जब रात में अचानक एक के बाद एक मौतें हो रही थीं। लगातार 15 से 16 लाशें मैंने खुद निकलते देखी हैं।

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