डालमिया को मुकुट और श्रीनिवासन को राज

0
920

बीसीसीआई मामलों के जानकार और क्रिकेट लेखक वी श्रीवास्तव ने तहलका को बताया, ‘74 साल की उम्र में डालमिया के पास बीसीसीआई में बदलाव के लिए कौन सी प्रेरणा और योजना होगी.   बीसीसीआई की कार्यप्रणाली पर सर्वोच्च न्यायालय ने नाराजगी जाहिर की है. ऐसे में क्या डालमिया सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को मानते हुए भारतीय क्रिकेट का बेड़ा पार कर सकेंगे?’

श्रीनिवासन के पुराने वफादार लगभग सभी महत्वपूर्ण पदों पर जीत दर्ज करने में सफल रहे. बोर्ड के पदाधिकारियों पर उनकी पकड़ कितनी मजबूत है, इससे समझा जा सकता है कि पांच में से चार पदों पर श्रीनिवासन खेमे के उम्मीदवार सफल रहे. शरद पवार का सचिव पद के लिए भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर का समर्थन श्रीनिवासन के लिए तगड़ा झटका रहा. अनुराग ठाकुर ने संजय पटेल को हराया. ठाकुर ने यह सफलता भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह के सहयोग से हासिल की. तहलका को सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि अमित शाह ने विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों को अनुराग ठाकुर की जीत सुनिश्चित कराने की खास हिदायत दी थी. भाजपा के लोगों में झारखंड क्रिकेट एसोसिएशन के अमिताभ चौधरी संयुक्त सचिव और तेलंगाना स्टेट क्रिकेट

एसोसिएशन के जी गंगाराजू उपाध्यक्ष (दक्षिण क्षेत्र) पद पर विजयी रहे.

सर्वोच्च न्यायालय ने भी बोर्ड की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता के अभाव पर सवाल उठाए हैं. इन गंभीर चुनौतियों से डालमिया कैसे निपटेंगे, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं. राष्ट्रीय चयनकर्ता अशोक मल्होत्रा ने तहलका से कहा, ‘डालमिया की वापसी सकारात्मक संदेश है. बीसीसीआई विश्व का सर्वाधिक धनी बोर्ड है, उसे यहां पहुंचाने में डालमिया की बड़ी भूमिका है

(विजय ग्रोवर के सहयोग के साथ)

इसे भी पढ़ें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here