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मणिपुरः नाै लाशें, सात महीने अाैर एक अांदाेलन
ह्वाट अ फ्रेंड वी हैव इन जीसस, आॅल आवर सिंस एंड ग्रीफ टू बीयर! यानी ईश्वर के रूप में हमारे पास एक ऐसा दोस्त...

Other Articles

‘विभाजन के जख्म को बार-बार कुरेदकर पेश की जाती हैं नई पेचीदगियां’

यूरोपियन यूनियन (ईयू) के जो सदस्य देश हैं उनके बीच द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान खूनी संघर्ष हुआ था. इन देशों के बीच की कटुता भी तब भारत-पाकिस्तान के बीच की कटुता से कम नहीं थी पर आपसी कटुता मिटाकर उन्होंने नई शुरुआत की. आज आप उनका लेवल ऑफ इकोनॉमिक काेआॅपरेशन  

शत्रु संपत्ति : मुल्क अपना, जमीन पराई!

‘हमने जिन्ना को छोड़ा, मुस्लिम लीग को छोड़ा, महात्मा गांधी की धर्मनिरपेक्ष आवाज पर भारत को अपनाया कि ये हमारी साझी विरासत है. क्या पाकिस्तान पर भारत को तरजीह देना हमारा गुनाह था, जो आज विभाजन के 65 साल बाद हमें उसकी सजा दी जा रही है?’ सरकार द्वारा जनवरी  

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‘क्या भाइयों से कहूं कि धोखा दिया’

सतीशचंद्र सदर बाजार में जिस दुकान से व्यापार करते हैं उसकी रजिस्ट्री 1965 में उनके पिता के नाम हुई थी. उनके पिता के पांच बेटे थे. 29 साल बाद 1994 में पांचों भाइयों में संपत्ति का बंटवारा हुआ. सतीश को अपने पिता से कुछ अधिक ही लगाव था जिसके कारण  

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‘साजिदा को नवाब का उत्तराधिकारी माना गया फिर उनकी संपत्ति, शत्रु संपत्ति कहां से हो गई’

इबाद खान और एसएम सफवान भोपाल के कोह-ए-फिजा में जन्म से रह रहे हैं. इबाद खान के पिता ने यह जगह जहां भोपाल के नवाब से ली थी, वहीं सफवान के दादा को यह नवाब से 1952 में तोहफे में मिली थी. बीते वर्ष सीईपी ने नवाब की इस संपत्ति  

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‘स्वदेशी मार्केट की अपनी ही दुकान में किरायेदार बन जाने का है डर’

अशोक कुमार दिल्ली के सदर बाजार स्थित स्वदेशी मार्केट में बटन की दुकान चलाते हैं. कुछ महीनों पहले अशोक कुमार को सीईपी का नोटिस मिला है, जिसमें उनकी दुकान को शत्रु संपत्ति घोषित किया गया है. नोटिस उनके पास सात-आठ महीने पहले आया था. अशोक बताते हैं, ‘आज आप मालिक  

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राजा महमूदाबाद की संपत्ति का विवाद

राजा मोहम्मद आमिर अहमद खान (तत्कालीन राजा महमूदाबाद) के भारत-पाकिस्तान दोनों ही देशों में अच्छे राजनीतिक संपर्क थे. उनका दोनों ही देशों में आना-जाना लगा रहता था. वे भारतीय नागरिक थे पर भारत विभाजन के बाद से ईराक में रह रहे थे. 1957 में उन्होंने भारतीय नागरिकता छोड़कर पाकिस्तानी नागरिकता  

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अनीस का अंतहीन संघर्ष

डॉ. अनीस उल हक दिल्ली के चांदनी चौक में एक छोटा-सा डेंटल क्लीनिक चलाते हैं. सौ गज का क्लीनिक है पर जिधर देखो, उधर फाइलें. खास बात यह है कि ये फाइलें डॉक्टरी के पेशे से जुड़ी हुई नहीं हैं. उनमें तो छिपी है डॉक्टर अनीस उल हक के अंतहीन  

सीवान, शहाबुद्दीन और एक हताश पिता का संघर्ष

फरवरी के पहले सप्ताह में एक खबर आई कि शहाबुद्दीन को बहुचर्चित तेजाब कांड में जमानत मिल गई है. शहाबुद्दीन, सीवान और तेजाब कांड, तीनों का नाम एक साथ सामने आते ही बिहारवासियों के जेहन में कई खौफनाक यादें ताजा हो उठती हैं. बिहार के सीमाई इलाके में बसे सीवान  

‘नक्सलवाद की लड़ाई खत्म हुई तो पैसे आने बंद हो जाएंगे, फिर नेता का जेब कैसे भरेगा?’

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद खत्म करने की लड़ाई की पहली कीमत जनता चुका रही है. नक्सलियों के साथ पुलिस और अर्धसैनिक बलों के लंबे संघर्ष के बीच जनता का भी अपना संघर्ष है, जिसे सबसे कम महत्व मिलता है. जो लोग इसे कहने की कोशिश करते हैं, उन पर न सिर्फ  

मणिपुरः नाै लाशें, सात महीने अाैर एक अांदाेलन

ह्वाट अ फ्रेंड वी हैव इन जीसस, आॅल आवर सिंस एंड ग्रीफ टू बीयर! यानी ईश्वर के रूप में हमारे पास एक ऐसा दोस्त है जो हमारे सारे दुखों और पापों को सहन कर लेता है… दिल्ली के जंतर मंतर पर बने एक अस्थायी टेंट के पास मणिपुर की रहने