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Volume 8, Issue 10 Back To Archive >

दो साल की मोदी सरकार, अच्छे दिनों का इंतजार
तीस साल बाद केंद्र में प्रचंड बहुमत से आई मोदी सरकार अपने दो साल पूरे कर रही है. निजी तौर पर नरेंद्र मोदी ने...

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मुर्गे पे भरोसा है तो ये दांव लगा ले…

छत्तीसगढ़ के सुदूर गांवों में मुर्गा लड़ाई के प्रति रहवासियों में खासा उत्साह देखा जा सकता है. तकनीक और मनोरंजन के किसी अन्य साधन से दूर दंतेवाड़ा के इन आदिवासी इलाकों में मुर्गों की लड़ाई की परंपरा रही है. इन मुर्गों को लड़ने के लिहाज से ही तैयार किया जाता  

कहानी राजकुमार शुक्ल की, जिन्होंने चंपारण में तैयार की गांधी के सत्याग्रह की जमीन

जो चंपारण में गांधी के सत्याग्रह को जानते हैं, वे राजकुमार शुक्ल का नाम भी जानते हैं. गांधी के चंपारण सत्याग्रह में दर्जनों नाम ऐसे रहे जिन्होंने दिन-रात एक कर गांधी का साथ दिया. अपना सर्वस्व त्याग दिया. उन दर्जनों लोगों के तप, त्याग, संघर्ष, मेहनत का ही असर रहा  

कुनन-पोशपोरा सामूहिक बलात्कार कांड : किताब में दर्ज हुआ दर्द

16 दिसंबर, 2012 को दिल्ली में हुए निर्भया कांड ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था. जाहिर है कश्मीर भी इस घटना से अछूता नहीं था जहां बलात्कार की शिकार तमाम महिलाओं को कब का भुला दिया गया है. इस घटना ने उनके जख्मों को फिर से हरा कर  

चंपारण सत्याग्रह के 100 साल

न जाने कितनी बार चंपारण जाना हुआ है. दोनों चंपारण. यानी पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण. हमेशा से आकर्षित करता रहा है चंपारण. संघर्ष और सृजन, दोनों एक साथ करने की जो अद्भुत क्षमता है चंपारण में, वही आकर्षण का कारण है. पहली बार फूलकली देवी का काम सुनकर यहां  

कश्मीर में एनएचपीसी के मुनाफे पर रार

बीते 21 अप्रैल को जे ऐंंड के आरटीआई मूवमेंट नाम के एनजीओ ने पिछले 15 साल में जम्मू कश्मीर में एनएचपीसी के पावर प्रोजेक्टों द्वारा हुई कमाई का ब्यौरा जारी किया. एनएचपीसी की कमाई का यह आंकड़ा लगभग 194 अरब रुपये का है, जिसके सामने आने के बाद से ही  

‘किसानों की तीन लाख आत्महत्याओं पर कभी कोई बात ही नहीं होती’

मुझे लगता है कि सरकार कृषि के बारे में शायद भूल ही गई है. अक्सर देखा गया है कि चुनाव के पहले सरकारें किसानों की बात करती हैं और सत्ता में आने के बाद सिर्फ कॉरपोरेट की बात करती हैं. बहुत उम्मीद थी मुझे कि सरकार किसानों की तरफ ध्यान  

‘अगर लिंग परीक्षण पर सजा का प्रावधान है तो ऐसे मां-बाप को क्यों नहीं दंडित किया जाना चाहिए जो अपने किन्नर बच्चों को कहीं छोड़ आते हैं?’

आपका  ‘थर्ड जेंडर’  यानी किन्नरों की जिंदगी पर आधारित  उपन्यास  ‘नालासोपारा पो. बॉक्स नं. 203’  हाल ही में प्रकाशित हुआ है. किन्नरों की जिंदगी पर उपन्यास लिखने का विचार कहां से आया? इस उपन्यास में खास क्या है? इस उपन्यास में मैंने आजाद भारत में किन्नरों की स्थिति पर प्रकाश  

भाई! क्राइम पेट्रोल में दिखाता है लड़का ‘किसी और’ के साथ रहता है, फिर शादी कर लेता है और जुर्म दस्तक देता है

इस महीने की शुरुआत में एक दोस्त की सगाई में जाने का मौका हाथ लग गया. वो दोस्त भी मेरी तरह काफी साल से घर से दूर रहकर नौकरी करता है. मेरे घर जाने का मामला पहले से ही तय था. ऐसे में सगाई के बहाने पुराने दोस्तों से मुलाकात  

मोदी सरकार के दावे तो अच्छे हैं, पर जमीन पर क्या है?

आर्थिक मसलों में कुछ खास तो हुआ नहीं है. इन्होंने निवेश वगैरह का जो रास्ता साफ किया, उससे निवेश तो कुछ खास आया ही नहीं है. सरकार के दावे तो अच्छे-अच्छे हैं, लेकिन आप देखिए कि जमीन पर काम कितना हुआ है. निवेश तो आया नहीं. भारत में बाहर से  

‘लग रहा था कि विदेश नीति में कुछ चमत्कार-सा होने जा रहा है लेकिन सब कुछ मोर का नाच साबित हुआ’

नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनते ​ही अद्भुत कार्य किया था. सारे पड़ोसी देशों के राष्ट्रपतियों और प्रधानमंत्रियों को निमंत्रण दिया था कि उनके शपथ ​लेने के समय भारत आएं. ऐसा संकेत उनके पहले भारत के किसी भी प्रधानमंत्री ने ​नहीं दिया था. उस अवसर की सबसे बड़ी खूबी यह थी