गुटबाजी से कांग्रेस पस्त, भाजपा मस्त

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आप लगातार कांग्रेस के स्थानीय नेतृत्व से नाखुश हैं, आपके बयान अपनी ही पार्टी के नेताओं को कठघरे में खड़ा करते नजर आते हैं?

देखिए, मैं पार्टी के आतंरिक मामलों को लेकर कभी कोई टीका टिप्पणी नहीं करता हूं. मैंने कभी ऐसा कोई बयान भी नहीं दिया, जिससे यह लगे कि मैं अपनी ही पार्टी के खिलाफ खड़ा हूं. लेकिन यदि कोई मेरा नाम लेकर ही बयानबाजी कर रहा है तो मैं उसके लिए उर्दू का यह शेर कहना चाहूंगा कि आईना जो उनको दिखाया तो बुरा मान गए.

लेकिन आपको लेकर भूपेश बघेल कह रहे हैं कि जब-जब वे रमन सरकार को घेरते हैं, बुरा आपको लगता है?

यह तो वही बात हुई कि खिसयानी बिल्ली खंभा नोचे। अब इन बातों से आप खुद ही निहितार्थ लगा लीजिए. मैं ज्यादा कुछ नहीं कहूंगा। यह जरूर कहना चाहता हूं कि यदि मैंने नान (नागरिक आपूर्ति निगम) घोटाले को लेकर कोर्ट जाने को कहा, बेमतलब की बयानबाजी न करने की सलाह दी, तो क्या गलत कहा.


क्या संन्यास ले लूं : बघेल

पीसीसी अध्यक्ष भूपेश बघेल भी अजीत जोगी को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे. प्रदेश की भाजपा सरकार से दो-दो हाथ करने के साथ ही बघेल जोगी पर भी बयानों के तीर छोड़ने में पीछे नहीं हैं. उनसे हुई बातचीत के प्रमुख अंश:

अजीत जोगी कह रहे हैं कि आप केवल बयानबाजी कर समय खराब कर रह हैं. नान घोटाले को लेकर वो आपको अदालत जाने की सलाह दे रहे हैं. क्या आपको उनकी बातें बुरी लग रही हैं?

मुझे क्यों बुरा लगेगा. जहां तक बयान देने का सवाल है तो वो मैं जरूर दूंगा और देता रहूंगा. कोर्ट जाने की बात तो वे अब कर रहे हैं, मैं तो पहले ही बोल चुका हूं कि नान घोटाले को लेकर हम अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।

अजीत जोगी वरिष्ठ हैं, उनकी सलाह में कुछ तो दम होगा?

मुझे एक बात नहीं समझ आती कि कैसे राजनीतिक व्यक्ति या दल जनता की लड़ाई छोड़ दें. क्या हम संन्यास ले लें? जब भी हम सरकार के खिलाफ कोई बयान देते हैं तो जोगी जी को क्यों तकलीफ होती है, यह समझ से परे है. आप इस पर भी गौर कीजिए की नान घोटाले को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ जोगी जी ने अब तक कोई बयान नहीं दिया है. इस पर क्या कहा जाए.

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